एसएमसी शिक्षक आंदोलन: क्रमिक अनशन जारी, रजाइयां गीलीं, लेकिन हौसले बुलंद
सीटीओ में नियमितीकरण की मांग को लेकर एसएमसी शिक्षकों का क्रमिक अनशन छठे दिन भी जारी रहा।
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शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीटीओ में नियमितीकरण की मांग को लेकर एसएमसी शिक्षकों का क्रमिक अनशन छठे दिन भी जारी रहा। बुधवार और गुरुवार को हुई ओलावृष्टि, बारिश और बर्फबारी के बीच उनकी रजाइयां गीली हो गईं। लेकिन कड़ाके की ठंड होने के बावजूद इनके हौसले बुलंद हैं। हवाघर में हवा और पानी को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। लेकिन एसएमसी शिक्षक संघ ने तिरपाल लगाकर किसी तरह से अनशन स्थल को सूखा रखने के प्रयास जारी रखे।
बावजूद इसके हवाघर में पानी आ गया। इससे रजाइयां गीली हो गईं। उन्हें बैठने में समस्या पेश आ रही है। वीरवार को क्रमिक अनशन पर महिला शिक्षिका टीजीटी आर्ट्स निशा ठाकुर, राजेश कनेट, शास्त्री जय पाल ठाकुर सुबह दस से रात दस बजे तक बैठे। इसके बाद वीरवार रात दस बजे से सुबह दस बजे तक टीजीटी सुभाष चंद रामपुर, भाषा अध्यापक सैंज पांडे, लेक्चरर इतिहास अनिल ठाकुर बैठे।
एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा और मीडिया संचिव निर्मल ठाकुर ने कहा कि बारह साल से नाम मात्र वेतन पर नियमित शिक्षकों के बराबर पढ़ाने का कार्य कर रहे शिक्षकों को अपने हितों के लिए अब क्रमिक अनशन पर उतरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार उनकी मांग को अनसुना कर रही है। बारिश बर्फबारी ओलावृष्टि के बीच अनशन पर बैठना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद उनके हौसले बुलंद हैं, वे अपनी नियमितिकरण की मांग को मनवाने के बाद ही इस आंदोलन को समाप्त करेंगे।
कड़ाके की ठंड में 99वें दिन से धरने में डटा है दृष्टिहीन संगठन
उधर, दृष्टिहीन जनसंगठन हिमाचल प्रदेश शाखा के कार्यकर्ता कड़ाके की ठंड के बीच वीरवार को भी धरने में डटे रहे। कालीबाड़ी एसबीआई बैंक के समीप स्थित वर्षा शालिका में संगठन के कार्यकर्ता पिछले 99वें दिनों से अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। संगठन का कहना है कि बैकलॉग भर्तियाें को लेकर सरकार लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दे रही है। बैकलॉग की भर्तियों को लेकर जारी अधिसूचना में कई त्रुटियां हैं। दृष्टिबाधितों को नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट देने का आश्वासन पूरा नहीं हुआ है। डी श्रेणी की नौकरी के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु के दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को सभी शैक्षणिक योग्यताओं से छूट देने संबंधी प्रदेश सरकार की योग्य अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए। रोजगार के लिए उन दृष्टिबाधित उम्मीदवारों पर बहुत विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जो प्राथमिकता के आधार पर किसी भी प्रकार की नौकरी के लिए अधिकतम आयु सीमा को पार कर चुके हैं या करने वाले हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि इतनी ठंड में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे धरनाकर्ताओं की सरकार की ओर से कोई भी सुध नहीं ली गई। दृष्टिहीन जनसंगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष शोभ राम ने कहा कि यदि 15 दिनों तक सरकार की ओर से कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन को पुनः सड़कों पर उतरने और विधानसभा का घेराव करने पर बाध्य होना पड़ेगा।