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सरकारी कर्मचारी नहीं हैं एसएमसी टीचर

Fri, 23 Oct 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 23 Oct 2015 11:19 PM IST
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smc teachers are not govt employees: education department

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीरियड बेस पर तैनात एसएमसी टीचर सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। शिक्षा विभाग ने वित्त महकमे से राय लेकर यह आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कहा कि सिर्फ स्टॉप गैप अरेंजमेंट के लिए एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।

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विभाग के इस आदेश से प्रदेश के स्कूलों में तैनात करीब 1800 एसएमसी शिक्षकों के भविष्य पर खतरे के बादल छा गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी कर एसएमसी शिक्षकों के संदर्भ में स्वयं आगामी फैसले लेने को कहा है। शिक्षा विभाग ने सितंबर महीने में ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जिन विषयों में छात्रों की संख्या शून्य है, वहां पीजीटी और लेक्चरर की एसएमसी से भर्ती करने पर रोक लगाई है।
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इसके अलावा कंप्यूटर विषय में भी एसएमसी भर्ती को रोक दिया है। शिक्षा विभाग के इन आदेशों से पीरियड बेस एसएमसी टीचर एसोसिएशन में रोष व्याप्त है। एसोसिएशन के महासचिव मनोज रोंगटा, अनिल पितान और कमल जोशी ने कहा शिक्षा ने एसएमसी शिक्षकों के संदर्भ में अगर जल्द ही कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी न की तो शीतकालीन कक्षाओं का नवंबर महीने में बहिष्कार किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जल्द एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के किए जा रहे शोषण से अवगत करवाएगा। महासचिव मनोज रोंगटा ने बताया कि एसएमसी शिक्षक लगातार प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तथा सामान्य क्षेत्रों में कई सालों से सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे स्कूलों में भी एसएमसी शिक्षक तैनात हैं, जहां नियमित शिक्षक सेवाएं देने को तैयार नहीं।

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