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बाजारों में छाई मंदी, थोक व्यापारियों ने बंद की उधारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:03 AM IST
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500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने से हिमाचल के बाजारों में मंदी छा गई है। थोक कारोबारियों ने उधार पर परचून कारोबारियों को सामान देना बंद कर दिया है। किरयाना, कपड़ा और जूता कारोबारियों का कारोबार बीते एक सप्ताह के दौरान 50 फीसदी तक घट गया है। एक साल पुरानी उधारी को भी अब चुकता करना मुश्किल हो गया है।
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बाजार में नकदी का प्रवाह कम होने के चलते कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई थोक कारोबारी परचून कारोबारियों से चेक के माध्यम से भी पेमेंट नहीं ले रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही बैंक में अपने पास रखा पैसा जमा करवाया है।
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अब अगर चेक भी बैंक में लगाना शुरू कर दिया तो आयकर विभाग की उन पर सीधी नजर पड़ जाएगी। इस स्थिति से बचने के लिए कई थोक कारोबारी अब सिर्फ कैश पर ही सामान दे रहे हैं। परचून कारोबारियों की समस्या है कि अभी बाजार में पैसा पूरी तरह से घूमना शुरू नहीं किया है। ऐसे में उनके पास बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं।
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इस कारण आमदनी घट गई है। दुकानों में सामान रखने के लिए थोक कारोबारियों से सामान उठाने के लिए उनके पास पर्याप्त कैश नहीं है। पहले थोक कारोबारी उधार पर सामान दे देते थे, लेकिन 10 नवंबर के बाद से अधिकांश परचून कारोबारियों को उधार पर सामान नहीं मिल रहा है। जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
छोटी दुकानें चलाने वाले और रेहड़ी फड़ी लगाने वालों पर 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का बड़ा असर पड़ा है। शिमला व्यापार मंडल के प्रधान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि मार्केट में नकदी का फ्लो कम होने के चलते छोटे कारोबारियों का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। बहुत कम ग्राहक बाजार में आ रहे हैं।
शोरूम में कार्ड से हो रही अधिकांश पेमेंट
राजधानी शिमला के माल रोड स्थित अधिकांश शोरूम में भी नकदी का लेन-देन बहुत कम हो गया है। ग्राहक डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ही शॉपिंग कर रहे हैं। शोरूम कारोबारी भी सामान खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट ही कर रहे हैं। हालांकि ब्र्रांडेड कंपनियों के शोरूम कारोबारियों का कारोबार भी 20 फीसदी तक घटा है।
सर्राफा बाजार में 90 फीसदी घटा कारोबार
500 और 1000 के नोट पर लगी रोक के बाद से सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसर गया है। शादी की खरीदारी के लिए गिने-चुने लोग ही कारोबारियों के पास पहुंच रहे हैं। सरॉफा बाजार में 90 फीसदी तक कारोबार घट गया है। शिमला ज्वेलर्स एसोसिएशन के सचिव अतुल टांगरी ने बताया कि दिन भर दुकानें खाली रह रही हैं। बाजार में नकदी की कमी के चलते कारोबारी हताश हैं।