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Chamba Bridge Collapse: हिमाचल के चंबा में करोड़ों की लागत से बन रहा सिंयूर पुल रावी में समाया, देखें वीडियो
Tue, 07 Apr 2026 12:33 PM IST
Sharukh Khan
संवाद न्यूज एजेंसी, होली/चंबा।
संवाद न्यूज एजेंसी, होली/चंबा।
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:33 PM IST
सार
Himachal Chamba Bridge Collapse: हिमाचल प्रदेश के चंबा में निर्माणाधीन सिंयुर पुल ध्वस्त होने से बड़ा हादसा हो गया है। भरमौर होली मार्ग में सिन्यूर को जोड़ने वाली सड़क बाधित हो गई है।
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चंबा में निर्माणाधीन सिन्यूर पुल ध्वस्त
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भरमौर-होली क्षेत्र में जियुंरा के पास दो पंचायतों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा सिंयूर पुल मंगलवार सुबह अचानक भूस्खलन से गिरीं चट्टानों की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। सुबह करीब 8 बजे लोगों ने आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो पुल पूरी तरह रावी नदी में गिर चुका था। करीब 6.12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल 80 प्रतिशत तैयार हो चुका था। पुल के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली थी, लेकिन हादसे ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस पुल के गिरने से करीब 5,000 की आबादी प्रभावित हुई है। अब लोगों को भरमौर पहुंचने के लिए 26 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जबकि पहले यह दूरी 18-20 किलोमीटर थी। फिलहाल, छोटे वाहनों और पैदल आवाजाही के लिए पुराने लकड़ी के पुल का ही सहारा है। हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, क्योंकि उस समय पुल पर कोई कामगार या राहगीर मौजूद नहीं था।
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इस पुल के गिरने से करीब 5,000 की आबादी प्रभावित हुई है। अब लोगों को भरमौर पहुंचने के लिए 26 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जबकि पहले यह दूरी 18-20 किलोमीटर थी। फिलहाल, छोटे वाहनों और पैदल आवाजाही के लिए पुराने लकड़ी के पुल का ही सहारा है। हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, क्योंकि उस समय पुल पर कोई कामगार या राहगीर मौजूद नहीं था।
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प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण पुल ध्वस्त हुआ है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं मानी जा सकती। संबंधित विभाग को जल्द कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि पुल गिरने की जानकारी उन्हें मिली है। इस संबंध में उन्होंने संबंधि विभाग को तत्परता से कार्य करने को कहा है। पहाड़ी से चट्टानें गिरने से पुल गिरा है, इसलिए इसमें किसी की लापरवाही भी नहीं कही जा सकती।