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Migratory Birds: प्रवासी परिंदों से गुलजार होने लगी श्री रेणुकाजी घाटी, 204 पक्षियों ने वेटलैंड में डाला डेरा
Wed, 20 Dec 2023 08:55 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 20 Dec 2023 08:55 PM IST
सार
हजारों किलोमीटर लंबा सफर तय कर ये मेहमान पक्षी भोजन की तलाश में रेणुकाजी पहुंचे हैं, जो झील के अंतिम छोर पर बने टापुओं पर विचरण कर रहे हैं।
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प्रवासी परिंदों से गुलजार श्री रेणुकाजी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मौसम में आए परिवर्तन के साथ श्री रेणुकाजी वेटलैंड इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार हो गया है। हजारों किलोमीटर लंबा सफर तय कर ये मेहमान पक्षी भोजन की तलाश में रेणुकाजी पहुंचे हैं, जो झील के अंतिम छोर पर बने टापुओं पर विचरण कर रहे हैं। इनकी अठखेलियां व चहचहाहट पक्षी प्रेमियों के साथ- साथ पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पांच प्रजातियों के 204 परिंदे रेणुकाजी वेटलैंड में अपना डेरा जमा चुके हैं।
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दिसंबर माह के अंतिम व जनवरी माह के प्रथम सप्ताह तक इन पक्षियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। दरअसल, रेणुकाजी घाटी का शांत व अनुकूल वातावरण इन प्रवासी पक्षियों को खूब रास आता है। यहां इन्हें भोजन भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है। हालांकि, इस मर्तबा इन प्रवासी पक्षियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। बीते वर्ष दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह तक इनकी संख्या 402 थी, जो इस साल अब तक 204 रह गई है। इसको लेकर वन्यप्राणी विभाग भी चिंतित है। वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार इनकी संख्या घटना-बढऩा मौसम पर निर्भर करता है।
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इन प्रजातियों ने दी दस्तक
अबतक श्री रेणुकाजी पहुंची इन विदेशी परिंदों की प्रजातियों में यूरेशियन कूट-12, यूरेशियन मूरहेन- 168, कोर्मोरेंट-4, मैलार्ड-16, ग्रेट इग्रेट-4 पहुंचे हैं। रेणुकाजी झील के अलावा साथ लगते जटोन बैराज व गिरि नदी में भी इन प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां दिखाई दे रही हैं, जो सुबह प्रभात फूटते ही चहचहाने लगते हैं।
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इन देशों से आते हैं पक्षी
वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार यह पक्षी रुस, साइबेरिया, अफगानिस्तान, लद्दाख, यूरोप और उत्तरी एशिया की सुदूर वेटलैंड (आर्द्रभूमि) में रहते हैं। जहां सर्दियों के शुरुआती दौर में ही वेटलैंड का पानी जमने लगता है। उसके प्रभाव से बचने के लिए यह प्रवासी पक्षी भारत पहुंचते हैं। जहां वे अलग-अलग वेटलैंड में पहुंचते हैं।
बर्ड फ्लू का खतरा नहीं
अभी तक पांच प्रजातियों के पक्षियों ने रेणुकाजी वेटलैंड में डेरा जमाया है। सर्दी बढ़ने व बर्फबारी होने पर इन पक्षियों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। फिलहाल किसी नई प्रजाति का आगमन अभी नहीं हुआ है और इनके यहां आने से बर्ड फ्लू का भी कोई खतरा नहीं है।- सौरभ पुंडीर, जीव वैज्ञानिक, वन्य प्राणी विहार रेणुकाजी