अतिक्रमण पर एमसी की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे कारोबारी, तीन घंटे तक बंद रखा बाजार
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प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों पर शहर के बाजारों में अतिक्रमण करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करने के लिए करवाई जा रही वीडियोग्राफी को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा बरपा। शिमला व्यापार मंडल के साथ मिलकर लोअर बाजार के सैकड़ों कारोबारियों ने बाजार बंद करवा दिया और फिर रैली निकालने के बाद नगर निगम कार्यालय का घेराव किया।
मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी। दोपहर एक बजे तक कारोबारी निगम कार्यालय में डटे रहे। आयुक्त से आश्वासन मिलने के बाद कारोबारियों ने निगम दफ्तर खाली किया। इससे पहले मंगलवार सुबह कारोबारी व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह की दुकान के बाहर इकट्ठे हो गए और नगर निगम पर मनमानी के आरोप जड़ दिए।
मंगलवार को 11 बजे व्यापार मंडल से बातचीत के बाद कुछ कारोबारियों ने बाजार बंद कर दिया। रैली निकालते हुए कारोबारी नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़े। कई दुकानें जबरन बंद करवाई गईं। सीटीओ चौक पर कारोबारियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि निगम की मनमानी नहीं चलेगी।
अध्यक्ष ने कुछ कारोबारी नेताओं को साथ चलकर आयुक्त से बैठक करने को कहा। लेकिन बाकी कारोबारी नहीं मानें। यह भी निगम आयुक्त कार्यालय पहुंच गए। यहां आयुक्त से बातचीत की। अध्यक्ष ने कहा कि निगम कर्मचारी बेवजह परेशान करना बंद करें। अतिक्रमण 10 फीसदी दुकानदार कर रहे हैं, लेकिन निशाना सबको बनाया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि दोपहर के समय वह खुद बाजार जाकर निरीक्षण करेंगे।
अतिक्रमण पर यह होनी है कार्रवाई
दोपहर दो बजे तक ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। उधर शाम करीब चार बजे आयुक्त ने कारोबारियों के साथ बाजार का निरीक्षण किया। निगम प्रशासन का कहना है कि बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए कोर्ट के आदेशों पर सोमवार को लोअर बाजार की वीडियोग्राफी की गई। इसके आधार पर रिपोर्ट बननी थी कि कौन कारोबारी अतिक्रमण और ओवर हैंगिंग कर रहे हैं। इसके बाद अतिक्रमण करने वालों के बिजली और पानी के कनेक्शन कटने हैं। अभी रिपोर्ट बन ही रही थी कि कारोबारियों ने वीडियोग्राफी पर ही सवाल उठा दिए।
यह हैं कारोबारियों की मांगें
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि दुकानों के बाहर येलो लाइन लगाई जाए ताकि कारोबारियों को पता चल सके कि उन्हें अपनी दुकान कहां तक सजानी है। कारोबारियों को बेवजह परेशान न करें। बरसात के बचने के लिए जो तिरपाल या छज्जे लगाए हैं, उन्हें न हटाया जाए। इसके अलावा जिन 598 तहबाजारियों को पंजीकृत किया है, उन्हें बिठाने की व्यवस्था करें।