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Shimla News: केंद्रीय बजट से बागवानों को उपकरण सस्ते होने की उम्मीद
Fri, 19 Jul 2024 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Updated Fri, 19 Jul 2024 11:30 PM IST
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फलों और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की भी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्र सरकार की ओर से 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट से प्रदेश के बागवानों और किसानों को राहत की उम्मीद है। किसान और बागवान पिछले कई वर्षों से कृषि उपकरणों, उर्वरकों और दवाओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने मांग सरकार से बजट में कीमतें कम प्रावधान कर करने की मांग की है। इसके अलावा फलों और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा फसलों को बीमा के दायरे में लाया जाए। बागवान मांग कर रहे हैं कि बाहरी देशों के सेब पर आयात शुल्क बढ़ाया जाए।
कोट
नज़दीकी क्षेत्रों में खुले बागवानी विश्वविद्यालय
बागवानों ने बजट से उम्मीद कर हैं कि पौधों में होने वाली बीमारी की जांच करवाने के लिए नजदीकी क्षेत्रों में लैब और विश्वविद्यालय खोले जाएं। सेब से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला के बागवानों को बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी जाना पड़ा है।
-रूप लाल शर्मा, बागवान, बाग्गी क्षेत्र
बजट में हो बागवानी अर्थव्यवस्था का प्रावधान
बागवानी में सुधार के लिए मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट प्रावधान होना चाहिए। प्रदेश में हजारों लोगों का कारोबार बागवानी पर ही निर्भर है।
-प्रेम ओम्टा, बागवान, बाग्गी क्षेत्र
बिमारियों के खात्मे के लिए उपलब्ध हो दवाएं
बागवानों को हर वर्ष पौधों में होने वाली बीमारियों से बहुत नुकसान होता है। बाजार में इन बिमारियों के रोकथाम के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं है, इसलिए बजट में इसका प्रावधान किया जाए।
विज्ञापन
-कलम सिंह सोबटा, बागवान
बजट में दी जाए मंहगाई से राहत
बजट में मंहगाई से राहत दी जाए। गैस सिलैंडर, बिजली, पानी और राशन पर टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए।बिजली से लेकर राशन तक सारी चीजें मंहगी हो गई हैं। यही हाल रहा तो ऐसे में घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
-प्रेमलता, गृहणी, शिमला
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्र सरकार की ओर से 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट से प्रदेश के बागवानों और किसानों को राहत की उम्मीद है। किसान और बागवान पिछले कई वर्षों से कृषि उपकरणों, उर्वरकों और दवाओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने मांग सरकार से बजट में कीमतें कम प्रावधान कर करने की मांग की है। इसके अलावा फलों और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा फसलों को बीमा के दायरे में लाया जाए। बागवान मांग कर रहे हैं कि बाहरी देशों के सेब पर आयात शुल्क बढ़ाया जाए।
कोट
नज़दीकी क्षेत्रों में खुले बागवानी विश्वविद्यालय
बागवानों ने बजट से उम्मीद कर हैं कि पौधों में होने वाली बीमारी की जांच करवाने के लिए नजदीकी क्षेत्रों में लैब और विश्वविद्यालय खोले जाएं। सेब से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला के बागवानों को बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी जाना पड़ा है।
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-रूप लाल शर्मा, बागवान, बाग्गी क्षेत्र
बजट में हो बागवानी अर्थव्यवस्था का प्रावधान
बागवानी में सुधार के लिए मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट प्रावधान होना चाहिए। प्रदेश में हजारों लोगों का कारोबार बागवानी पर ही निर्भर है।
-प्रेम ओम्टा, बागवान, बाग्गी क्षेत्र
बिमारियों के खात्मे के लिए उपलब्ध हो दवाएं
बागवानों को हर वर्ष पौधों में होने वाली बीमारियों से बहुत नुकसान होता है। बाजार में इन बिमारियों के रोकथाम के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं है, इसलिए बजट में इसका प्रावधान किया जाए।
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-कलम सिंह सोबटा, बागवान
बजट में दी जाए मंहगाई से राहत
बजट में मंहगाई से राहत दी जाए। गैस सिलैंडर, बिजली, पानी और राशन पर टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए।बिजली से लेकर राशन तक सारी चीजें मंहगी हो गई हैं। यही हाल रहा तो ऐसे में घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
-प्रेमलता, गृहणी, शिमला