Shimla: देवभूमि संघर्ष समिति का एलान, शहर के सभी बाजारों में लगेंगे सनातन सब्जी वाला के बोर्ड
शिमला में देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली बाजार के बाद अब शहर के सभी बाजारों में सनातन सब्जी वाला के बोर्ड लगाने का एलान किया है।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली बाजार के बाद अब शहर के सभी बाजारों में सनातन सब्जी वाला के बोर्ड लगाने का एलान किया है। समिति का कहना है कि अपने समाज के लोगों का समर्थन करने और लोगों को अधिक से अधिक संख्या में इन्हीं से सामान खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर यह मुहिम शुरू की गई है। इसके तहत संजौली बाजार में सब्जी की दुकानों में इस तरह के बोर्ड लगाए गए हैं। समिति इस तरह दूसरे समुदाय के लोगों का बहिष्कार करने का भी लोगों से आग्रह कर रही है।
वहीं जिला प्रशासन और पुलिस विभाग मामले को लेकर जल्द कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। पुलिस के मुताबिक इस तरह से समाज को बांटने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। गौर हो कि संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण को गिराने की मांग को लेकर देवभूमि संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय लोगों ने बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। इस दौरान उग्र प्रदर्शन भी हुए और पुलिस और लोग आमने-सामने भी आ गए। इस मामले में मुस्लिम समुदाय के नगर निगम आयुक्त कोर्ट में अवैध निर्माण को गिराने की अनुमति मांगने के बाद अवैध हिस्से को गिराने के आदेश जारी हुए थे। इसके बाद प्रतीत हो रहा था कि अब शहर में अवैध निर्माण से उपजा विवाद शांत हो जाएगा, लेकिन देवभूमि संघर्ष समिति के सनातन सब्जी वाला अभियान शुरू होने से पुलिस और प्रशासन की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
तहबाजारियों के लिए पहचानपत्र अभी अनिवार्य नहीं
उधर, प्रदेश सरकार की ओर से तहबाजारियों के लिए पहचानपत्र अभी अनिवार्य नहीं किए गए है। हालांकि, बीते दिनों विधानसभा की ओर से गठित स्ट्रीट वेंडर्स कमेटी की विधानसभा सचिवालय में हुई बैठक में पहचानपत्र अनिवार्य करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, इस पर अभी कानूनी राय ली जा रही है। बैठक में शहरी विकास विभाग ने केंद्र सरकार की 2014 और हिमाचल प्रदेश सरकार की 2016 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी को लेकर बनाए गए नियम पर विस्तृत प्रस्तुति दी है। इसके अलावा कमेटी के सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए हैं। शहरी क्षेत्तों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में तहबाजारियों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। तहबाजारियों को बसाने के लिए अलग जोन बनाए जाने पर भी चर्चा हुई।