शिमला रेप केस: आईजी जहूर जैदी समेत पांच पुलिस कर्मचारी सस्पेंड
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गुड़िया मामले से जुडे़ लॉकअप हत्याकांड में आईजी जहूर एच जैदी समेत 5 पुलिस कर्मचारी सस्पेंड हो गए हैं। लॉकअप में 48 घंटे से अधिक समय तक रहने पर इन पर कार्रवाई हुई है।
गिरफ्तारी के तीसरे दिन वीरवार को सीबीआई ने रिमांड पर लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से नई दिल्ली में कड़ी पूछताछ की। अब इन्हीं से ही गुड़िया मामले की असलियत जानने के लिए सुराग ढूंढा जा रहा है।
इस मामले में तीन पुलिस कर्मचारी पहले से ही सस्पेंड चल रहे हैं। सूरज लॉकअप हत्याकांड मामले में सीबीआई ने 29 अगस्त को हिमाचल पुलिस के आईजी जहूर एच जैदी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था।
इनमें आईजी, डीएसपी और अन्य तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड हो गए हैं। सीबीआई का दावा है कि सूरज हत्याकांड को पुलिसकर्मियों ने ही अंजाम दिया।
गृह विभाग को दे दी थी अधिकारियों की गिरफ्तारी की सूचना
जांच को बनाई पुलिस एसआईटी के प्रमुख आईजी जैदी ने न केवल सच्चाई को छिपाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि हत्या का इलजाम हवालात में बंद आरोपी राजू पर थोप दिया।
गिरफ्तार किए गए सभी पुलिस वालों को चार सितंबर तक रिमांड पर चल रहे हैं। डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा कि आईजी और डीएसपी की सीबीआई की ओर से की गई गिरफ्तारी के बाद इसकी सूचना गृह विभाग को दे दी गई थी।
डीम्ड सस्पेंशन के बाद गृह विभाग से की गई कार्रवाई की प्रति मिलने के बाद ही इस पर कुछ कह सकते हैं। थाने में तैनात गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की सस्पेंशन एसपी शिमला ने करनी है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि दोनों स्तरों पर इससे संबंधित कार्रवाई कर दी गई हो।