शिमला रेप केस: सीबीआई के हाथ खाली, नहीं लगा कातिलों का सुराग
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कोटखाई में दसवीं की छात्रा से दुराचार और हत्या के मामले में जांच कर रही सीबीआई जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही है। तमाम मशक्कत के बावजूद सीबीआई असल अपराधियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
पुलिस द्वारा पकडे़ गए आरोपियों को न तो सीबीआई अपराधी मान रही है और न ही उन्हें क्लीन चिट देकर किसी और को पकड़ पा रही है। सीबीआई ने इस मामले से जुड़ी पांचवीं संयुक्त स्टेटस रिपोर्ट सील्ड कवर में हिमाचल हाईकोर्ट को सौंपी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जांच की स्टेटस रिपोर्ट देखकर सीबीआई को फिर फटकार लगाई। कहा कि स्टेटस रिपोर्टों से लगता है कि सीबीआई के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
तो क्या एनआईए को यह मामला दिया जाए
खंडपीठ ने मौखिक तौर पर कहा कि सीबीआई अगर इस मामले की जांच नहीं कर पा रही है तो क्या एनआईए को यह मामला दिया जाए। अगर सीबीआई इस मामले में जांच नहीं करेगी तो कौन करेगा?
सीबीआई अधिकारियों ने कोर्ट में कहा कि यह मामला वैज्ञानिक साक्ष्यों पर निर्भर है। 16 अक्तूबर को ब्रेन मैपिंग की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
इस पर खंडपीठ ने कोर्ट में उपस्थित सीबीआई अधिकारियों को 25 अक्तूबर तक विस्तृत जानकारी सामने रखने के आदेश दिए। कहा गया कि यदि फिर भी कोर्ट से कुछ छिपाया तो सीबीआई निदेशक को तलब करना पड़ेगा। इस मामले पर अब 25 अक्तूबर को सुनवाई होगी।