शिमला-धर्मशाला फोरलेन: नादौन के पास यहां से निकलेगा बाईपास, अप्रैल से शुरू होगा निर्माण
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शिमला-धर्मशाला फोरलेन हाईवे निर्माण कार्य के टेंडर की प्रक्रिया आगामी मार्च महीने में पूरी हो जाएगी। अप्रैल से धर्मशाला-ज्वालाजी तक के पैकेज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पांच हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को पांच पैकेज में बांटा गया है। वहीं, एनएचएआई ने प्रोजेक्ट क्रियान्वयन में देरी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विलंब को जिम्मेदार बताया है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2022 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नादौन के पास हाईवे निर्माण पर असमंजस भी दूर हो गया है। यहां पर फोरलेन हाईवे का रूट तय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण के लिए थ्री-डी सर्वे चल रहा है। संबंधित भू अर्जन अधिकारियों की ओर से ढिलाई बरतने के चलते परियोजना के कार्य में देरी हो रही है।
अथॉरिटी अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक पैकेज के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सभी पैकेजों का निर्माण व टेंडर अलग-अलग किया जाएगा। एनएचएआई के शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निदेशक वाईए राउत ने बताया कि पहले पैकेज का कार्य मार्च माह के बाद शुरू होने की उम्मीद है। पहले पैकेज का रूट फाइनल हो गया है। भू अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी होने के चलते कार्य में देरी हो रही है।
नादौन के पास यहां से निकलेगा बाईपास
एनएचएआई का कहना है कि नादौन में बनने वाले बाईपास को लेकर दो रूटों पर सर्वे किए गए थे। एक बेला गांव से होकर था, जहां से टनल बनाई जानी थी। दूसरा सर्वे गगाल से होता हुआ गुरुद्वारा के पास से होकर भड़ोली से आगे जाकर फोरलेन से जुड़ना था।
एनएचएआई ने दूसरे सर्वे को फाइनल किया है। यातायात की सुगमता को ध्यान में रखते हुए यहां पर होशियारपुर जाने वाले हाईवे पर एक फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
ये हैं फोरलेन के पांच पैकेज
पांच पैकेज में धर्मशाला-ज्वालमुखी, ज्वालामुखी-हमीरपुर, हमीरपुर-घुमारवीं, घुमारवीं-भराड़ीघाट व भराड़ीघाट-शिमला हैं।