आतंकियों को ढेर करने वाले ऊना के बृजेश को शौर्य चक्र, तीन इंस्पेक्टरों को पुलिस मेडल
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श्रीनगर के सोपोर में 28 अक्तूबर, 2018 को तीन आतंकियों को ढेर करने के बाद आतंकियों की गोलियां लगने से शहीद हुए ब्रिजेश कुमार को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। ब्रिजेश कुमार मूलत: कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के गांव ननावी के रहने वाले थे। उधर राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए इस बार हिमाचल से किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी का चयन नहीं हुआ है।
हालांकि, राज्य सरकार ने कुछ नाम जरूर भेजे थे। इस बार हिमाचल से तीन पुलिस अधिकारियों को ही उल्लेखनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक मिले हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुंदरनगर थाना प्रभारी गुरबचन सिंह रणौत जो वर्तमान पुलिस उपाधीक्षक हैं, गोहर थाने के एसएचओ रहे वर्तमान में मंडी एसआईयू के प्रभारी मनोज कुमार और चंबा के इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के नाम का चयन किया है।
बतौर आरक्षी गुरबचन सिंह ने पहली ज्वाइनिंग फर्स्ट बटालियन जुन्गा में दी। वर्ष 1988 से 2003 तक बतौर ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर तैनात रहे। साल 2003 में वह एएसआई बने। धर्मशाला में एक कार्यक्रम में इन्हें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और डीजीपी ने ट्रॉफी व 10 हजार नकद इनाम से नवाजा था।
कांगड़ा के नगरोटा बगवां के रहने वाले मनोज कुमार वालिया ने 1988 में पुलिस विभाग ज्वाइन किया। उन्होंने ऊना में रहते हुए 2009 में 10 लाख की डकैती सुलझाई और छह को धरा। मैहतपुर में रहते हुए उन्होंने एक करोड़ के नकली नोट पकड़े। इंस्पेक्टर बहादुर सिंह को उनकी बहादुरी और साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है।