शांता का खुलासा, पटेल की तर्ज पर ब्राह्मण भी चाहते थे आंदोलन
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद शांता कुमार ने कहा कि आरक्षण पर जल्द पुनर्विचार न किया तो देश में जातिगत आंदोलन भड़क सकते हैं। उन्होंने खुलासा किया है कि पटेल आंदोलन के दौरान ब्राह्मण वर्ग भी आंदोलन करना चाहता था।
ब्राह्मण प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क किया कि वे चाहते हैं कि आप आंदोलन का चेहरा बनें, लेकिन मैंने उन्हें किसी तरह शांत किया। शांता कुमार ने बताया कि देश में ब्राह्मण समाज की संख्या 12 प्रतिशत है। ऐसे ही अन्य जातियां भी हैं, जो भविष्य में आंदोलन कर सकती हैं।
शांता ने किया भागवत का समर्थन
चंबा में पत्रकारों से बातचीत में शांता ने कहा कि मौजूदा समय में आरक्षण जरूरी है, लेकिन इसका फायदा गरीब से गरीब तबके को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा करने और धनी लोगों को आरक्षण आधारित लाभ से वंचित करने की बात कही है, जो बिल्कुल सही है।
आरक्षण की समीक्षा और पुनर्विचार निर्धारित अवधि के बाद होना चाहिए था। आरक्षण के साथ अंत्योदय योजना भी जरूरी है, ताकि सभी जाति के गरीब लोगों को लाभ मिल सके। कुछ लोग अब भी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जबकि पारिवारिक तौर पर वे संपन्न हो चुके हैं। आरक्षण की रूपरेखा गरीब की प्रगति के लिए तय की गई थी।