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गुरुघर से लौटे SGPC समर्थक, हालात सामान्य
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 09 Aug 2014 08:27 AM IST
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ऐतिहासिक गुरु घर से एसजीपीसी समर्थक संगत शुक्रवार को वापस पंजाब लौट गई। एचएसजीएमसी कानून बनने पर सिख राजनीति में गर्माहट आने के साथ ही एसजीपीसी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में तनातनी बढ़ गई थी।
परिणाम स्वरूप धर्मक्षेत्र में हालात बेकाबू होने लगे और सप्ताह भर से अधिक तनावपूर्ण स्थिति के दौरान एसजीपीसी समर्थक संगत गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में डटी रही।
जबकि पांच दिन तक झींडा ग्रुप भी मोर्चा लगाए बैठा रहा। धर्मनगरी के ऐतिहासिक गुरु घर में जुटी भारी संख्या में संगत एसजीपीसी का विभाजन नहीं चाहती थी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का विरोध करने के लिए यहां मौजूद रही।
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छह अगस्त को हुए टकराव के बाद हालात सुधरने पर गुरुद्वारा साहिब में अब स्थिति सामान्य हो गई है और एसजीपीसी समर्थक संगत पंजाब लौट चुकी है।
पदाधिकारियों में गहन मंथन
दो दिन से भले ही कुरुक्षेत्र में माहौल शांत हो। लेकिन एसजीपीसी पदाधिकारियों के बीच गहन मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की पूर्व अध्यक्ष बीबी जगीर कौर के साथ सिख मिशन हरियाणा में एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क व अन्य गहन मंथन हुआ।
जाहिर है कि चर्चा का विषय एसजीपीसी को दोफाड़ होने से बचाना ही रहा होगा। विचार-विमर्श में किसने क्या सुझाव रखे। इस बारे में मंथन करने वालों को ही मालूम है।
पहले थी वाहनों की भरमार
परिस्थितियां बदलते ही अब गुरुद्वारा साहिब और सिख मिशन हरियाणा का परिसर वाहनों से खाली नजर आ रहा है। वीरवार दोपहर तक वाहनों की भरमार देखने को मिल रही थी। तनाव के हालात खत्म होने के बाद अब वाहनों की संख्या भी न के बराबर रह गई है।
कर्मियों को राहत की सांस
एक सप्ताह से अधिक दिन-रात संगत की सेवा में लगे कर्मियों ने अब राहत की सांस ली है। एचएसजीएमसी का मामला गर्माते ही एसजीपीसी संगत के जत्थे गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही में जुटने शुरू हो गए थे।
यहां ड्यूटी दे रहे कर्मियों ने बमुश्किल ही उनका प्रबंध संभाला। हालांकि अन्य गुरुद्वारा साहिबान से भी ड्यूटी लगकर यहां कुछ कर्मी आए थे।
बावजूद इसके संगत की संख्या अधिक होने पर स्टाफ को प्रबंध करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। माहौल शांत होने के बाद अब संगत लौट चुकी है। इसके बाद कर्मियों ने राहत की सांस ली।
शीश नवाने वालों की संख्या बढ़ने लगी
स्थिति सामान्य होने पर अब गुरुद्वारा साहिब में शीश नवाने वाली संगत की भी संख्या बढ़ने लगी है। पिछले लगभग एक सप्ताह से गुरुद्वारा साहिब में हाजिरी भरने वाली संगत में काफी कमी आई थी। अब पहले की तरह संगत गुरु घर में पहुंचने लगी है।
सारा दिन खुला रहा बैकडोर
ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का बैकडोर शुक्रवार को पूरा दिन खुला रहा। लेकिन गेट पर ड्यूटी देते कुछ कर्मी जरूर नजर आए। कर्मियों के साथ कुछ लोकल संगत भी बातचीत करती देखी गई।
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परिणाम स्वरूप धर्मक्षेत्र में हालात बेकाबू होने लगे और सप्ताह भर से अधिक तनावपूर्ण स्थिति के दौरान एसजीपीसी समर्थक संगत गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में डटी रही।
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जबकि पांच दिन तक झींडा ग्रुप भी मोर्चा लगाए बैठा रहा। धर्मनगरी के ऐतिहासिक गुरु घर में जुटी भारी संख्या में संगत एसजीपीसी का विभाजन नहीं चाहती थी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का विरोध करने के लिए यहां मौजूद रही।
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छह अगस्त को हुए टकराव के बाद हालात सुधरने पर गुरुद्वारा साहिब में अब स्थिति सामान्य हो गई है और एसजीपीसी समर्थक संगत पंजाब लौट चुकी है।
पदाधिकारियों में गहन मंथन
दो दिन से भले ही कुरुक्षेत्र में माहौल शांत हो। लेकिन एसजीपीसी पदाधिकारियों के बीच गहन मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की पूर्व अध्यक्ष बीबी जगीर कौर के साथ सिख मिशन हरियाणा में एसजीपीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क व अन्य गहन मंथन हुआ।
जाहिर है कि चर्चा का विषय एसजीपीसी को दोफाड़ होने से बचाना ही रहा होगा। विचार-विमर्श में किसने क्या सुझाव रखे। इस बारे में मंथन करने वालों को ही मालूम है।
पहले थी वाहनों की भरमार
परिस्थितियां बदलते ही अब गुरुद्वारा साहिब और सिख मिशन हरियाणा का परिसर वाहनों से खाली नजर आ रहा है। वीरवार दोपहर तक वाहनों की भरमार देखने को मिल रही थी। तनाव के हालात खत्म होने के बाद अब वाहनों की संख्या भी न के बराबर रह गई है।
कर्मियों को राहत की सांस
एक सप्ताह से अधिक दिन-रात संगत की सेवा में लगे कर्मियों ने अब राहत की सांस ली है। एचएसजीएमसी का मामला गर्माते ही एसजीपीसी संगत के जत्थे गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही में जुटने शुरू हो गए थे।
यहां ड्यूटी दे रहे कर्मियों ने बमुश्किल ही उनका प्रबंध संभाला। हालांकि अन्य गुरुद्वारा साहिबान से भी ड्यूटी लगकर यहां कुछ कर्मी आए थे।
बावजूद इसके संगत की संख्या अधिक होने पर स्टाफ को प्रबंध करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। माहौल शांत होने के बाद अब संगत लौट चुकी है। इसके बाद कर्मियों ने राहत की सांस ली।
शीश नवाने वालों की संख्या बढ़ने लगी
स्थिति सामान्य होने पर अब गुरुद्वारा साहिब में शीश नवाने वाली संगत की भी संख्या बढ़ने लगी है। पिछले लगभग एक सप्ताह से गुरुद्वारा साहिब में हाजिरी भरने वाली संगत में काफी कमी आई थी। अब पहले की तरह संगत गुरु घर में पहुंचने लगी है।
सारा दिन खुला रहा बैकडोर
ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का बैकडोर शुक्रवार को पूरा दिन खुला रहा। लेकिन गेट पर ड्यूटी देते कुछ कर्मी जरूर नजर आए। कर्मियों के साथ कुछ लोकल संगत भी बातचीत करती देखी गई।