Shimla: संजौली कॉलेज में चार घंटे तक हंगामा एसएफआई, पुलिस में धक्कामुक्की
कॉलेज से निष्कासित छह एसएफआई नेताओं की बहाली की मांग लेकर एसएफआई ने कॉलेज गेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज में हंगामा करने, शिक्षकों से बदसलूकी करने, धमकी देने के आरोपों के आधार पर कॉलेज से निष्कासित छह एसएफआई नेताओं की बहाली की मांग लेकर एसएफआई ने कॉलेज गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इसमें एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और सचिव दीनित देंटा भी शामिल हुए। सुबह दस बजे कॉलेज गेट पर मौजूद पुलिस के कड़े पहरे के बीच कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जो करीब चार घंटे तक जारी रहा। सुबह 11 बजे प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने जबरन कॉलेज गेट से अंदर जाने का प्रयास किया, तो इस बीच पुलिस और क्यूआरटी के जवानों के साथ उनकी धक्कामुक्की हो गई।
करीब दस मिनट तक माहौल गरमा या रहा। इसके बाद राज्य सचिव दीनित ने प्रशासन को बातचीत के लिए बुलाने की बात रखी। बावजूद कॉलेज प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को नहीं बुलाया। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे उपमंडलाधिकारी भानू गुप्ता ने एसएफआई के सिर्फ राज्य अध्यक्ष और सचिव को प्राचार्य के समक्ष अपनी बात रखने के लिए लेकर गए। एसएफआई नेताओं ने निष्कासन को वापस लेने और छात्रों को बहाल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। प्राचार्य ने छात्र नेताओं को स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला नहीं है, यह कॉलेज की सलाहकार कमेटी ही इस पर कोई फैसला लेगी। कमेटी और काउंसिल की कब बैठक हो सकेगी, इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है।
एडवाइजरी काउंसिल और अनुशासन समिति लेगी फैसला
संजौली कॉलेज के बाहर पिछले तीन दिनों से निष्कासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन चल रहा है। अब इस मामले पर फैसला होने की उम्मीद जगी है। कॉलेज प्राचार्य डाॅ. भारती भागड़ा ने स्पष्ट किया है कि काउंसिल और अनुशासन समिति के सदस्य वरिष्ठ शिक्षक ही कॉलेज और छात्रों के माहौल के साथ सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। इसके लिए बैठकें कब होंगी, इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मर्यादा न भूलें, अपनी गलती को महसूस करें। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को चार बार लिखित में उनके व्यवहार को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, बावजूद इसके उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। मजबूरन कॉलेज प्रशासन को अन्य साढ़े तीन हजार छात्र छात्राओं के भविष्य की चिंता करते हुए निष्कासन का फैसला लेना पड़ा।
कॉलेज प्रशासन तनावपूर्ण बना रहा माहौल : एसएफआई
प्रदर्शन के दौरान शिमला जिला सचिव कमल शर्मा ने कहा कि प्रशासन कैंपस के माहौल को शांत करवाने की बजाय और तनाव पैदा कर रहा है। कक्षाओं में छात्रों पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें प्रदर्शन में जाने से रोका जा रहा है। सात छात्राओं को प्रदर्शन में न जाने की चेतावनी दी गई, उनसे साइन करवाए गए।
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