छात्रों ने सरकार को घेरा, सचिवालय के बाहर प्रदर्शन
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छात्र एकता मंच के बैनर तले एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सचिवालय के बाहर धरना दिया। कार्यकर्ता अलग-अलग टुकड़ियों में रैली की शक्ल में नारेबाजी करते धरनास्थल तक पहुंचे। दूसरे जिलों से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया गया। लिहाजा, धरने में उम्मीद के मुताबिक कार्यकर्ता नहीं जुट पाए।
धरने में प्रदेश विवि और स्थानीय कॉलेजों के अलावा कुल्लू के कार्यकर्ता ही शामिल हो पाए। कुल्लू के कार्यकर्ता वीरवार को शिमला आ गए थे। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। छोटा शिमला थाने के बाहर धरना सुबह सवा दस बजे शुरू हुआ। शुरुआत में प्रदर्शनकारियों की संख्या मुश्किल से करीब डेढ़ सौ रही। जैसे-जैसे समय बीतता गया, संख्या में इजाफा होता रहा। दोपहर बारह बजे तक प्रदर्शनकारियों की संख्या 400 से 500 तक हो गई।
शांतिपूर्ण रहा धरना
सरकार और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और भाषण का दौर चलता रहा। दो बजकर बीस मिनट पर प्रदर्शनकारी धरने से उठ गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। धरनास्थल पर बैरिकेट्स लगा रखे थे। प्रदर्शनकारियों को बैरिकेट्स के भीतर ही धरने की अनुमति दी गई थी।
छात्र एकता मंच ने धरने में शामिल होने दूसरे जिलों से आ रहे प्रदर्शनकारियों को जबरन रोकने का विरोध किया है। छात्र नेताओं का दावा है कि करीब दो हजार कार्यकर्ता धरने में शामिल होने के लिए आ रहे थे। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि आंदोलन को इसी तरह दबाते रहे तो आंदोलन और उग्र होगा। तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा, जब तक छात्र विरोधी निर्णय वापस नहीं लिए जाते।
एबीवीपी-एसएफआई ने छात्र एकता मंच के बैनर तले दिया धरना
एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री नवीन शर्मा, राज्य सचिव आशीष सिंक टा, शहर संगठन मंत्री अतुल शर्मा, एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल, राज्य सचिव मुनीश शर्मा और पूर्व एससीए अध्यक्ष राहुल चौहान ने छात्रों को सरकार की छात्र विरोधी निर्णय के बारे में बताया। छात्र नेताओं ने कहा कि इस अराजकता और शिक्षा की स्थिति को सरकार जिम्मेवार है। आगे का आंदोलन छात्र एकता मंच के बैनर तले ही लड़ा जाएगा।
आगे की यह रहेगी रणनीति
- 29 सितंबर को प्रदेश भर में सभी कैंपसों में वीसी का पुतला फूंका जाएगा।
- 30 सितंबर को कैंपस में रैलियों का आयोजन होगा।
- 01 अक्तूबर को शहरों में रैलियां निकाली जाएंगी, इसमें मुख्यमंत्री के पुतलें फूंके जाएंगे
- 10 अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर रैलियां निकाली जाएंगी।
- 14 अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर चक्का जाम होगा।
- 17 अक्तूबर को प्रदेश में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।