दूसरी राजधानी: महाराष्ट्र सरकार के जवाब से तय होगा हिमाचल के धर्मशाला का भविष्य
हिमाचल सरकार ने पहले जम्मू-कश्मीर और फिर महाराष्ट्र की सरकार को पत्र लिखकर दो राजधानियों की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी मांगी है। इसके बाद ही तय होगा कि धर्मशाला दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं।
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धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं, इसका फैसला जयराम सरकार महाराष्ट्र सरकार से मांगी गई जानकारी आने के बाद करेगी। प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर दो राजधानियों की कार्यप्रणाली से संबंधित सूचना मांगी है, जिससे उसके अनुसार वह राज्य में दो राजधानी बनाने के पूर्व के फैसले पर पुनर्विचार कर सके। हालांकि, कई बार पत्र लिखने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार से कोई जवाब नहीं आया है। महाराष्ट्र सरकार को हाल ही में एक स्मरण पत्र भी जारी किया गया है। इसके जवाब के बाद ही सरकार धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने पर अंतिम फैसला ले सकती है।
दरअसल, कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शीतकालीन प्रवास के दौरान जनता की मांग पर जनवरी 2017 में धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने का एलान किया था। इसके बाद मार्च 2017 में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी और फिर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी। हालांकि, परेश शर्मा नाम के व्यक्ति ने इस संबंध में हाईकोर्ट में इस फैसले को गैर कानूनी ठहराते हुए याचिका दायर कर दी। इसके बाद दिसंबर 2018 में हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करने और पुनर्विचार करने तक अधिसूचना स्थगित रखने को कह दिया। इसके बाद सरकार ने पहले जम्मू-कश्मीर और फिर महाराष्ट्र की सरकार को पत्र लिखकर दो राजधानियों की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी मांगी है।