...तो कैदी तैयार करेंगे स्कूलों की स्मार्ट वर्दी, जेल विभाग ने भेजा प्रस्ताव
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.55 लाख विद्यार्थियों को दी जाने वाली स्मार्ट वर्दी को लेकर छिडे़ विवाद में नया मोड़ आ गया है। जेल विभाग ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेज कर स्कूली बच्चों के लिए नई वर्दी बनाने का टेंडर उन्हें देने का आग्रह किया है।
जेल विभाग ने निजी कंपनियों के मुकाबले सस्ती वर्दी देने का दावा किया है। इसके अलावा सरकारी एजेंसी को ही काम सौंपने का तर्क भी दिया गया है। जेल विभाग के इस आवेदन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मंथन शुरू कर दिया है।
सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सरकार से अगर मंजूरी मिल जाती है तो स्कूली बच्चे कैदियों के हाथ से बनी स्मार्ट वर्दी पहने नजर आएंगे। अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत दी जाने वाली स्मार्ट वर्दी को लेकर इन दिनों विवाद छिड़ा हुआ है।
मामला फाइलों में बंद हो गया
शिक्षा विभाग ने वर्दी की खरीद का जिम्मा राज्य खाद्य आपूर्ति निगम को सौंपा है। लेकिन अभी तक निगम ने वर्दी की खरीद के लिए टेंडर अवार्ड नहीं किया है। टेंडर प्रक्रिया और वर्दी सैंपल की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद से मामला फाइलों में बंद हो गया है।
निगम ने फाइल सरकार को भेज दी है। बीते एक सप्ताह के दौरान इस मामले को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका है। इसी बीच जेल विभाग ने वर्दी की खरीद का टेंडर उन्हें देने का प्रस्ताव भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस साल से सरकारी स्कूलों में वर्दी का रंग और रूप बदलने जा रहा है। जयराम सरकार ने स्कूली बच्चों को स्मार्ट वर्दी देने का फैसला लिया है। छात्राओं को तीन रंगों की चेकदार स्मार्ट वर्दी देना प्रस्तावित है।
सरकार ने लड़कियों के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी को मंजूर किया है। छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी दिया जाएगा। वहीं लड़कों की वर्दी हरे रंग की पेंट और हरे रंग की चेक शर्ट होगी।