सहकारी बैंक में इस राज्य के लोगों को बना दिया क्लर्क, विभागीय जांच शुरू
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कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य सहकारी बैंक में हुई क्लर्क भर्ती पर जयराम सरकार ने विभागीय जांच बैठा दी है। हरियाणा के कुछ लोगों को बैंक में क्लर्क बनाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद शुक्रवार को सहकारिता मंत्री राजीव सैजल ने विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
आरोप है कि पूर्व सरकार ने नियमों को दरकिनार कर हरियाणा के कुछ लोगों को बैंक में क्लर्क की नौकरी दी है, जबकि यह क्लर्क भर्ती सिर्फ हिमाचली लोगों के लिए थी। हरियाणा के लोग हिमाचली प्रमाणपत्र कैसे लाए? बैंक अधिकारियों ने दस्तावेजों की सही तरीके से जांच क्यों नहीं की?
इसको लेकर सहकारिता मंत्री ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद यह मामला भी विजिलेंस को सौंपा जाएगा। राज्य सहकारी बैंक में हुई भर्तियों के खिलाफ पहले से ही विजिलेंस जांच चल रही है।
अब क्लर्क भर्ती में नियमों को दरकिनार कर दूसरे राज्य के लोगों को नौकरी देने की बात सामने आने पर बैंक की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान के आखिरी माह में जिला किन्नौर में बैंक शाखाओं के निरीक्षण के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ है। विधानसभा चुनावों के चलते मामला फाइलों में दब गया। अब बैंक के खिलाफ शुरू हुई विजिलेंस जांच के चलते फाइलों में बंद यह केस भी खुल गया है।
अब विभागीय जांच में हरियाणा के लोगों को बैंक में क्लर्क भर्ती करने के लिए जिम्मेवार अफसरों के नामों का खुलासा होगा। यह भी पता चलेगा कि कितने लोगों को इस तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है।
सहकारिता मंत्री राजीव सैजल ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक में भर्ती, ऋण देने सहित अन्य अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस जांच चल रही है। हरियाणा के लोगों को क्लर्क बनाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर विभागीय जांच बैठाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य सहकारी बैंकों के भर्तियों की भी जल्द समीक्षा की जाएगी।