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Sanjauli Masjid Case: संजौली मस्जिद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से मांगी तीन मंजिलें गिराने की अनुमति
Wed, 16 Oct 2024 09:54 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 16 Oct 2024 09:54 AM IST
सार
नगर निगम शिमला के आयुक्त कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से बात की है। कमेटी का कहना है कि यह संपत्ति वक्फ बोर्ड की है, ऐसे में अवैध निर्माण गिराने के लिए मंजूरी लेना अनिवार्य है।
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संजौली मस्जिद
- फोटो : संवाद
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विस्तार
संजौली मस्जिद की तीन अवैध मंजिलें गिराने के लिए मस्जिद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से मंजूरी मांगी है। मंगलवार को नगर निगम शिमला के आयुक्त कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद कमेटी ने वक्फ बोर्ड से बात की है। कमेटी का कहना है कि यह संपत्ति वक्फ बोर्ड की है, ऐसे में अवैध निर्माण गिराने के लिए मंजूरी लेना अनिवार्य है। कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि बोर्ड की निगरानी में ही अवैध निर्माण गिराया जाना है। मस्जिद कमेटी आयुक्त कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं देगी।
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वहीं, आयुक्त कोर्ट के फैसले के अनुसार अवैध निर्माण गिराने संबंधी पूरी कार्रवाई एक प्रक्रिया के तहत होगी। अवैध निर्माण जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में गिराया जाएगा।
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बता दें कि पांच मंजिला मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलें अवैध करार दी गई हैं और इन्हें गिराया जाना है। इसे कमेटी अपने खर्च पर गिराएगी। कमेटी बोर्ड की मंजूरी के बाद अगले हफ्ते से अवैध निर्माण गिराने का काम शुरू करने की तैयारी कर रही है। ब्यूरो
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21 दिसंबर को होगी निचली मंजिलों पर भी सुनवाई
नगर निगम के अनुसार मस्जिद की निचली दो मंजिलों के निर्माण को लेकर 21 दिसंबर को सुनवाई होगी। निगम के अनुसार पुरानी मस्जिद के दोबारा निर्माण के लिए सलीम नाम के शख्स ने वर्ष 2010 में काम शुरू किया था। अनुमति निगम से नहीं ली थी। 31 मार्च 2010 को निगम ने काम रोकने के आदेश दिए थे। नोटिस देने के बावजूद यहां काम जारी रहा। उधर, मस्जिद कमेटी का कहना है कि निचली मंजिलें दशकों पुरानी हैं। सिर्फ ऊपर की तीन मंजिलें ही वर्ष 2010 के बाद बनी हैं, जिस पर कोर्ट ने गिराने का आदेश सुनाया है।