हजारों छात्राओं के लिए अच्छी खबर, बस 10 रुपए में मिलेगी ये सुविधा
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों को अब सेनेटरी नैपकिन लेने के लिए शर्मिंदगी या झिझक का सामना नहीं करना पड़ेगा। हिमाचल के सरकारी स्कूल-कॉलेजों में सेनेटरी वैंडिंग मशीनें लगाने की तैयारी है।
इस मशीन में पैसा डालकर आसानी से सेनेटरी नैपकिन प्राप्त हो जाएगा। इसके अलावा एक अलग मशीन में प्रयोग किए गए नैपकिन को नष्ट करने की सुविधा भी मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने यह नई योजना शुरू की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एक निजी कंपनी को सूबे के शिक्षण संस्थानों में मशीनें लगाने का काम सौंपा गया है। स्कूल-कॉलेज के कैंपस के अलावा लड़कियों के हॉस्टलों में भी इन मशीनों को लगाने की योजना है।
छात्राओं को खर्च करने होंगे इतने पैसे
केंद्र सरकार ने स्कूल में पढ़ने वाली किशोरियों की सबसे बड़ी चिंता दूर करने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल की है। सेनेटरी नेपकिन वैंडिंग मशीन में पैसा डालकर तीन नैपकिन का एक सेट प्राप्त होगा।
यह सेट प्राप्त करने के लिए लड़कियों को दस रुपये खर्च करने होंगे। इसके साथ ही स्कूल में ही एक डिस्पोजिंग मशीन भी लगाई जाएगी। इसमें यूज किए गए नैपकिन को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया जा सकेगा।
इस योजना से लड़कियों की शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। सरकार के आदेशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा विभाग के उपनिदेशकों सहित कालेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर सरकार की इस योजना को लेकर राय मांगी है।
इंफेक्शन से बचेंगी लड़कियां
लड़कियों को इंफेक्शन से बचाने के लिए केंद्र सरकार का यह सराहनीय प्रयास है। अधिकांश लड़कियों में नैपकिन खरीदने को लेकर संकोच रहता है और वे मेडिकल स्टोर में जाकर सेनेटरी नैपकिन लेने से परहेज करती हैं। ऐसे में इन मशीनों के लगने से लड़कियों को बड़ी राहत मिलेगी।