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यूजीसी नेट रिजल्ट: संदीप बौद्ध ने देश में पाया छठा स्थान, अंकिता ने जेआरएफ भी पास किया

Sun, 20 Feb 2022 07:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)/जोगिंद्रनगर(मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)/जोगिंद्रनगर(मंडी) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 20 Feb 2022 07:52 PM IST
सार

अंकिता वर्मा ने सहायक प्रोफेसर बनने की योग्यता के साथ जेआरएफ की सूची में भी स्थान पाया है।

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Sandeep qualify UGC NET exam in Education Subject Ankita qualify NET JRF in political science
संदीप बौद्ध, अंकिता वर्मा। - फोटो : संवाद

विस्तार

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के युवक संदीप बौद्ध ने यूजीसी नेट में लोहा मनवाया है। उन्होंने परीक्षा में 99.983 फीसदी अंक लेकर शिक्षा विषय में देशभर में छठा स्थान हासिल किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने तीन दिसंबर 2021 को यूजीसी नेट की परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में 99.983 फीसदी लेकर उन्होंने हिमाचल का नाम रोशन किया है। बता दें कि लोअर केलांग निवासी संदीप बौद्ध ने कुल्लू स्थित लोअर विंग सरकारी स्कूल से प्राथमिक और ढालपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की। चंडीगढ़ से स्नातक करने के बाद शिमला से बीएड की डिग्री हासिल की।

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फिलहाल शिमला से ही वह एमएड कर रहे हैं। उनकी इस कामयाबी से लाहौल-स्पीति और कुल्लू ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी है। इस परीक्षा में कुल 1065000 छात्रों ने 81 विषयों पर आधारित परीक्षा दी थी। इसमें से 41000 छात्रों ने शिक्षा का विषय चुना था। संदीप बौद्ध ने कहा कि वह इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाई डॉ. विशाल बौद्ध और घर के सभी सदस्यों तथा गुरुजनों को देते हैं।
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अंकिता ने पास की नेट जेआरएफ परीक्षा 
जोगिंद्रनगर के मटरू (संदराल) गांव की छात्रा अंकिता वर्मा ने राजनिति विज्ञान विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एनटीए के सहयोग से हर वर्ष नेट जेआरएफ की परीक्षा करवाता है। इसमें देशभर के लाखो विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। अंकिता वर्मा ने सहायक प्रोफेसर बनने की योग्यता के साथ जेआरएफ की सूची में भी स्थान पाया है।
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अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से पीएचडी की उपाधि के लिए प्रतिमाह कुछ धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में दी जाएगी। अंकिता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता अजीत सिंह और माता सुमना देवी सहित गुरुजनों को दिया है।  अंकिता ने बताया कि उनका सपना सहायक प्रोफेसर बनकर राजनीतिक विज्ञान विषय के माध्यम से समाज मानवता की सेवा करना है।  

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