फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Samples of treated water from sewerage treatment plant Summerhill failed.

Shimla News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट समरहिल के उपचारित पानी केे सैंपल फेल

Mon, 18 Nov 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
Samples of treated water from sewerage treatment plant Summerhill failed.
प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा
विज्ञापन

बीओडी 53 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज, 30 से कम रहना जरूरी

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट समरहिल के उपचारित पानी के अक्तूबर माह के सैंपल फेल हो गए हैं। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
प्लांट से निकले पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 53 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई है जो निर्धारित सीमा 30 मिलीग्राम प्रति लीटर से काफी अधिक है। यह संकेत करता है कि पानी में प्रदूषकों का स्तर सामान्य से अधिक हो गया है। ऐसी स्थिति न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है बल्कि रिहायशी इलाकों में बीमारियों और संक्रमण के प्रसार का जोखिम भी रहता हैै। प्लांट से निकला पानी अब जंगल में एक छोटे से नाले में छोड़ा जा रहा है, लेकिन कम जल प्रवाह के कारण प्रदूषक प्राकृतिक रूप से साफ नहीं हो पाते। इस कारण आसपास के इलाकों में दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। समरहिल प्लांट की क्षमता तीन एमएलडी है, लेकिन यहां प्रतिदिन केवल 0.7 एमएलडी प्रवाह आता है। यह प्लांट 15 साल से अधिक पुराना है और इसके उपकरण भी काफी पुराने तथा अप्रभावी हो चुके हैं। सीवरेज के प्रभावी उपचार के लिए केवल एक टैंक का उपयोग किया जाता है, जबकि दो टैंक स्टैंडबाई (जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए) रहते हैं।
विज्ञापन


उपकरणों के पुराने और अनियमित संचालन के कारण पानी में मौजूद प्रदूषकों को हटाने का काम सही ढंग से नहीं हो पा रहा। दूषित पानी का उपचार न होने से इसके आसपास की प्राकृतिक जल धाराएं भी प्रभावित हो रही हैं। प्रदूषित पानी जंगल और रिहायशी क्षेत्रों में फैल रहा है जिससे स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




प्लांट पर लग चुका है जुर्माना
समरहिल प्लांट के लगातार सैंपल फेल होने पर 5 मई 2022 को 2.6 लाख रुपये का जुर्माना हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया था। जुर्माना लगने के दो साल बाद भी इसका भुगतान नहीं किया गया है। अब अक्तूबर माह के सैंपल भी फेल हो गए हैं। लोगों ने प्लांट की हालत सुधारने की मांग की है ताकि संक्रमण न फैले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article