{"_id":"8f8920c11b9b7d642b4e22a941eb9869","slug":"rusa-ug-grade-card-hpu-shimla-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेड कार्ड बताएगा क्यों अधूरा है रिजल्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेड कार्ड बताएगा क्यों अधूरा है रिजल्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 14 Nov 2015 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूजी डिग्री कोर्स में पहले-तीसरे सेमेस्टर का ग्रेड कार्ड बताएगा कि स्टूडेंट्स का रिजल्ट अधूरा क्यों है। इसमें हर विषय के ग्रेड और प्राप्त किए क्रेडिट्स का ब्योरा होगा। कार्ड में यह भी साफ हो जाएगा कि विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने की जरूरत है या नहीं। छात्र हर विषय की परीक्षा का विस्तृत ब्योरा लेने के बाद अधूरे परिणाम को सेटल करवाने और पिछले सेमेस्टर की परीक्षा में रि-अपीयर पर फैसला ले सकता है।
विज्ञापन
हालांकि, परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के ग्रेड कार्ड जेनरेट होंगे, मगर इसमें उन्हें यह देखना होगा कि परिणाम पूरा घोषित हुआ है नहीं। ग्रेड कार्ड ऑनलाइन उपलब्ध होने से छात्र अधूरे परिणाम के मामले में कॉलेजों में रिपोर्ट कर सकेंगे।
विज्ञापन
इससे शॉर्ट लिस्ट हुए इन छात्रों का रिजल्ट सेटल करवाना कॉलेज और विवि के लिए भी आसान हो जाएगा। एचपीयू ने बीते शुक्रवार को यूजी डिग्री कोर्स में सभी संकाय के पहले और तीसरे सेमेस्टर का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें करीब दस फीसदी परिणाम अधूरा है। इसमें कुछ खामियां रह गई हैं।
विज्ञापन
एफ ग्रेड है तो दोबारा देनी होगी परीक्षा- ऑनलाइन जेनरेट हुए कार्ड में किसी विषय के आगे एफ लिखा है तो दोबारा परीक्षा देनी होगी। छात्र 23 नवंबर से होने वाली पहले और तीसरे सत्र की रूटीन परीक्षा के लिए ऑनलाइन फार्म भरें। फिर यह मौका पीजी कक्षाओं की तरह अगले साल की परीक्षा में मिलेगा। डिग्री के लिए हर विषय में पास होना जरूरी है।
किस ग्रेड लेटर का क्या है मतलब- एस प्लस 95 फीसदी से अधिक, एस 90 से 95, ओ डबल प्लस 85 से 90, ओ प्लस 80 से 85, ओ 75 से 80, ए प्लस प्लस 70 से 75, ए प्लस 65 से 70, ए 60 से 65, बी प्लस 55 से 60, बी 50 से 55, सी 45 से 50, एफ मतलब फेल, आई इनकंपलीट, पी ऑडिट प्लस (पर्यावरण जैसे विषय जिसमें पास होना जरूरी है, मगर इसके क्रेडिट सेमेस्टर और फाइनल ग्रेड में नहीं जुड़ेंगे।) एक्स ऑडिट फेल, इसमें दोबारा अपीयर होना होगा।
स्टार का भी है अलग अर्थ- एक स्टार इंटरनल असेसमेंट एंटर नहीं हुए हैं। दो स्टार यानी टर्म एंड मार्क्स एंटर नहीं हुए। तीन स्टार से जाहिर है कि दोनों ऑनलाइन एंटर नहीं हुए हैं। रूसा सीबीसीएस में डिग्री लेने को मेजर विषय में न्यूनतम 56, माइनर में 20 और बीस कुल 40, कंपल्सरी विषय में 9 और हॉबी में एक क्रेडिट लेना जरूरी हैं, जिसे छात्र पांचवें और छटे सत्र में एडिशनल विषय पढ़कर भी पूरे कर सकता है।