फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Right to education rules and transfers of teachers in himachal

RTE नियमों की धज्जियां उड़ा रही अफसरशाही, आदेशों के बावजूद तबादले

Tue, 08 May 2018 09:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 08 May 2018 09:59 AM IST
विज्ञापन
Right to education rules and transfers of teachers in himachal

हिमाचल में राइट टू एजूकेशन (आरटीई) नियमों की शिक्षा निदेशालय की अफसरशाही धज्जियां उड़ा रही है। शिक्षा सचिव के आदेशों के बावजूद निदेशालय से नियमों को ठेंगा दिखाकर शिक्षकों के तबादले किए जा रहे हैं। निदेशालय के अफसरों की इस लापरवाही से सरकारी स्कूल खाली हो रहे हैं। आरटीई नियमों के तहत बनाए गए स्टेंडर्ड प्रोसीजर का पालन करने से अफसरशाही कतरा रही है। अपने आदेशों की अवहेलना होने पर शिक्षा सचिव सख्ती तल्ख हो गए हैं।

विज्ञापन


शिक्षा सचिव नियमों का पालन नहीं करने का मामला फाइलों के माध्यम से शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजने की तैयारी में हैं। बीते माह शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों से किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं करने के आदेश दिए थे। कहा गया था कि आरटीई के नियमों को पूरा करने वाले शिक्षकों के ही तबादले किए जाएंगे।
विज्ञापन


जिला उपनिदेशकों को तबादला आदेश जारी करने के लिए प्रमाणपत्र देना होगा कि संबंधित शिक्षक का तबादला होने से आरटीई के नियमों का उल्लंघन नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान के बाद शिक्षा सचिव ने यह फैसला लिया था। कुछ दिन तक तो आदेशों का सख्ती से पालन हुआ, लेकिन अब हालात दोबारा से पहले जैसे हो गए हैं। शिक्षकों के धड़ाधड़ किए जा रहे तबादलों में आरटीई नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

60 बच्चों पर दो शिक्षक होना अनिवार्य

Right to education rules and transfers of teachers in himachal

आरटीई नियमों की धारा 19(2) में स्पष्ट किया गया है कि प्रारंभिक स्कूलों में 60 बच्चों तक दो शिक्षक होना अनिवार्य हैं, जबकि 90 बच्चों के लिए तीन शिक्षक होने चाहिए। 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा दस फीसदी से ज्यादा रिक्त पद भी स्कूल में नहीं होने चाहिए, लेकिन प्रदेश में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। 

1421 प्राइमरी स्कूलों में नहीं हो रहा आरटीई एक्ट का पालन
प्रदेश में 10,734 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें 1421 स्कूल शिक्षा के अधिकार कानून के नियमों को पूरा नहीं कर रहे हैं। 47 स्कूल तो पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह माह के दौरान खोले और अपग्रेड किए। इन 1421 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में जेबीटी के 1858, सीएंडवी के 5531, हैडमास्टर के 136 और टीजीटी के 2499 पद रिक्त चल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed