मनवीर चंद कटोच: सेवानिवृत्त जवानों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करें
प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता मनवीर चंद कटोच ने बताया कि देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा में अपने जीवन के सुनहरे पलों को देने वाले 70 से 80 साल तक की उम्र पार कर चुके हैं। सरकार वास्तव में इन वीर जवानों के कल्याण के प्रति गंभीर है, तो राज्य कल्याण बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन करे।
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प्रदेश सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री कल्याण संघ ने सेवानिवृत्त जवानों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है। संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक पैरामिलि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त डीआईजी वीके शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लंबित शिकायतों की अनदेखी कर राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र की देरी के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता मनवीर चंद कटोच ने बताया कि देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा में अपने जीवन के सुनहरे पलों को देने वाले 70 से 80 साल तक की उम्र पार कर चुके हैं।
सरकार वास्तव में इन वीर जवानों के कल्याण के प्रति गंभीर है, तो राज्य कल्याण बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन कर सार्थक परिणाम के लिए राज्य भूतपूर्व अर्धसैनिक कल्याण एवं समन्वय संघ के अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक से परामर्श करें। इस अवसर पर संगठन के मुख्य संरक्षक एमएल ठाकुर एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष नंद लाल नैहरटू के अलावा बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री कर्मी मौजूद रहे।
यह हैं प्रमुख मांगें
हरियाणा की तर्ज पर सभी जिलों और राज्य स्तर पर भूतपूर्व पैरा मिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन हो।
शहीदों के बच्चों के लिए लंबित नौकरियों के मामलों और वृद्ध कर्मियों के लाभ से लंबित मांगों पर चर्चा करें।
सीएपीएफ को जीएसटी के राज्य हिस्से में छूट देना और इसी तरह की छूट के लिए मामले को राष्ट्रीय जीएसटी बैठक में उठाना।
राज्य में कर्मियों को वितरण के लिए सरकार अधिकृत शराब की मुफ्त आवाजाही की अनुमति दे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष और अन्य रैंक धारकों को सभी राज्य सर्किट/अतिथि गृहों में संघों के कल्याणकारी बैठक और आंदोलनों के दौरान रियायतें दें।
हरियाणा की तर्ज पर सभी पूर्व अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनकी पत्नियों को हाउस टैक्स से छूट।
सेना की तर्ज पर संघ के पूर्व और सेवारत सशस्त्र बलों को टोल टैक्स में छूट।
सरकार की ओर से एक पूर्व अर्धसैनिक संघ (पंजीकृत) को मान्यता प्रदान करना। जवानों, विधवाओं के कल्याण के लिए कार्यालय चलाने के लिए सभी जिलों और राज्य स्तर पर राज्य संघ को न्यूनतम बुनियादी सुविधाओं के साथ आवास प्रदान करना।