Kalka Shimla Holiday Special Train: कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर दौड़ी रिजर्वड हॉलीडे स्पेशल ट्रेन, जानें किराया
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार ट्रेन नंबर 52443 सुबह 8:05 बजे कालका से रवाना हुई। यह ट्रेन करीब 10:45 बजे सोलन पहुंची।
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विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक पर शुक्रवार से रिजर्व हॉलीडे स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू हो गया। पहले दिन 81 सैलानी स्पेशल ट्रेन में सफर कर शिमला पहुंचे। रेलवे बोर्ड की ओर से स्पेशल ट्रेन का संचालन 52443 नंबर से किया गया। यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। शिमला में क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने आने वाले सैलानियों के लिए इस बार पूरा विंटर सीजन यानी 28 फरवरी तक यह ट्रेन कालका से शिमला के लिए रोजाना चलेगी। सुबह 8:05 बजे हॉलीडे स्पेशल ट्रेन को कालका से रवाना किया गया। कालका और शिमला के बीच ट्रेन के पांच ठहराव निर्धारित किए हैं। धर्मपुर में दो मिनट, बड़ोग में आठ, सोलन में दो, कंडाघाट में चार, समरहिल में एक मिनट के लिए रोका गया।
कैथलीघाट स्टेशन पर एक ट्रेन को क्रॉसिंग के चलते रोका गया। स्पेशल ट्रेन में खूबसूरत वादियों का नजारा लेते हुए दोपहर 1:40 बजे सैलानी हिल्स क्वीन पहुंचे। वापसी में स्पेशल ट्रेन को 52444 नंबर से शाम 4:50 बजे चलाया गया। डाउन में समरहिल, कंडाघाट, सोलन, बड़ोग, धर्मपुर ठहराव दिया गया। रात 9:45 बजे स्पेशल ट्रेन कालका स्टेशन पहुंची। रेलवे की ओर से 28 फरवरी तक इसी समय पर ट्रेन का संचालन किया जाएगा। हॉलीडे स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए रिजर्व होगी।
उत्तर रेलवे, अंबाला डिवीजन के एक अधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नए साल के दौरान शिमला में पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए दो हॉलिडे ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है। शिमला होटल और पर्यटन हितधारक संघ के अध्यक्ष एम के सेठ ने कहा कि क्रिसमस सीजन के लिए भारी बुकिंग मिली है, जबकि नए साल के लिए 25 से 30 प्रतिशत अग्रिम आरक्षण हैं।
यह रहेगा किराया
ट्रेन के दो जनरल डिब्बे में किराया 75 रुपये तय किया गया है। इसी तरह पर्यटक के दो डिब्बों में किराया 945, फर्स्ट क्लास के दो डिब्बों में 790 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।
अंग्रेजों ने 1903 में शिमला को जोड़ने के लिए पहली रेल लाइन बिछाई थी। 2009 में, कालका-शिमला रेल ट्रैक को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। 96.6 किलोमीटर लंबे नैरो गेज रेलवे ट्रैक पर 103 सुरंगें हैं, इसके अलावा 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। शिमला-कालका 11 दिसंबर, 2018 को विस्टाडोम कोच चलाने वाला देश का पहला नैरो गेज ट्रैक बन गया।
टॉय ट्रेन है सैलानियों की पहली पसंद
साल की बची छुट्टियां, क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए सैलानियों का कालका से शिमला के लिए आवागमन शुरू हो गया है। सैलानियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। बता दें कि हर साल हजारों की संख्या में सैलानी क्रिसमस और नए साल पर शिमला पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क मार्ग की अपेक्षा टॉय ट्रेन सैलानियों की पहली पसंद है, क्योंकि घुमावदार पहाड़ों के बीच से जब टॉय ट्रेन गुजरती है तो नजारा देखने लायक होता है।