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शोध में खुलासा, हिमाचल की इन बस्तियों में नहीं रेडियेशन का खतरा

Thu, 04 Aug 2016 10:38 AM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 04 Aug 2016 10:38 AM IST
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 Research Reveal that No rediation in Kangra and Hamirpur Towns.
कांगड़ा और हमीरपुर जिलों की सैकड़ों बस्तियों में रेडियेशन से कैंसर या अन्य बीमारियां होने का कोई खतरा नहीं है। - फोटो : demo pic

यूरेनियम और रेडोन के कणों से अटी पड़ीं हिमाचल के कांगड़ा और हमीरपुर जिलों की सैकड़ों बस्तियों में रेडियेशन से कैंसर या अन्य बीमारियां होने का कोई खतरा नहीं है।

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यह खुलासा भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के सहयोग से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर (पंजाब) के भौतिक विज्ञान विभाग के अध्ययन में हुआ है। अध्ययन से एक दशक पूर्व हुए शोध पर भी सवाल उठे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में रेडियो एक्टिव पदार्थों की मात्रा ज्यादा आंकी गई थी।
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इस कारण इन क्षेत्रों के कई लोग कैंसर और अन्य रोगों के खतरे की आशंका से दहशत में थे। नया अध्ययन इन क्षेत्रों के लोगों के लिए राहतप्रद बना है। यह अध्ययन कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी, तेहरी, अल्विन, सीर ब्राह्मणा, इंदौरा, राजा खास, कुलाड़ा, डाह, सूरजपुर, मोहटली, मोहटली रैंप, सीरत, डमटाल, अंद्रेला डमटाल आदि क्षेत्रों में किया गया।
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जिला हमीरपुर में इसे खया, लोहारियां, चकमोह, रमेड़ा, चकरौली, गलोट, टिक्कर ब्राह्मणा, हमीरपुर, बरोहा, अस्थोटा, बड़सर, एनआईटी हमीरपुर आदि इलाकों में किया गया। इसके लिए दोनों जिलों में पानी के नमूनों की जांच की गई। हमीरपुर में तो हवा में भी रेडियेशन की मात्रा जांची गई।

नहीं है कैंसर का खतरा, हवा पानी भी ठीक

 Research Reveal that No rediation in Kangra and Hamirpur Towns.

यह अध्ययन करने वाली टीम के सदस्य एवं गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर बीएस बाजवा ने बताया कि अध्ययन में आए नतीजों के मुताबिक पीने के पानी के नमूनों में यूरेनियम और रेडोन की मात्रा डब्ल्यूएचओ और यूएसईपीए के मानकों पर खरी उतरी है।

इसके अलावा हमीरपुर में हवा के नमूनों की जांच में पाया गया कि पूर्व में किए गए शोध की तुलना में रोडोन की मात्रा इस अध्ययन में 8.5 प्रतिशत कम पाई गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में अध्ययन को परंपरागत विधि से किया गया था, जबकि मौजूदा स्टडी आधुनिक विधियों से की गई।

हो सकता है कि पहले रेडियो एक्टिव पदार्थों की मात्रा इसीलिए ज्यादा आंकी गई हो। नए वैज्ञानिक तथ्यों के मुताबिक लोगों को पानी पीने और सांस लेने में कैंसर या अन्य रोगों का किसी तरह का खतरा नहीं है। लोग इन क्षेत्रों में निश्चिंत होकर जीवनयापन कर सकते हैं। 

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