रेणुका बांध परियोजना: सीयूं गांव में विस्थापितों ने रोका पेड़ों की गिनती का काम
परियोजना निर्माण से पूर्ण विस्थापित होने वाले परिवारों ने बुधवार को बांध प्रबंधन की ओर से की जा रही पेड़ों के गिनती के कार्य रुकवा दिया।
विस्तार
रेणुकाजी बांध परियोजना के निर्माण में फिर बड़ी बाधा पैदा हो गई है। परियोजना निर्माण से पूर्ण विस्थापित होने वाले परिवारों ने बुधवार को बांध प्रबंधन की ओर से की जा रही पेड़ों के गिनती के कार्य रुकवा दिया। दरअसल, बांध प्रबंधन की ओर से सीयूं गांव में पेड़ों की गिनती को फिर से शुरू किया गया था, लेकिन विस्थापितों ने इस प्रक्रिया पर फिर से विराम लग दिया है। बताया जा रहा है कि बीती 10 अक्तूबर को हुई विस्थापितों की मासिक बैठक के बाद बांध प्रबंध का रवैया विस्थापितों के प्रति ठीक नहीं था लिहाजा, अगले ही दिन विस्थापितों ने पेड़ों की गिनती को तत्काल रोक दिया। इस दौरान बांध प्रबंधन की ओर से संगड़ाह से पुलिस भी मौके पर बुलाई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
विस्थापित अपनी मांग पर अड़े रहे। उल्लेखनीय है कि बीती 29 सितंबर को विस्थापितों व प्रबंधन वर्ग के बीच समन्वय बैठक में सकारात्मक पहलुओं के साथ पेड़ों की गिनती करने का निर्णय लिया गया था। आरोप है कि बैठक के 10 दिन बाद ही बांध प्रबंधन ने अपने तेवर तीखे कर लिए। इससे खफा होकर विस्थापितों ने पेड़ों की गिनती का कार्य रुकवाने के साथ कड़े शब्दों में कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने के बाद ही पेड़ों की गिनती का कार्य शुरू करने दिया जाएगा। रेणुकाजी बांध जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला ने बताया कि बांध प्रबंधन का रवैया विस्थापितों के प्रति सही नहीं है। इसको लेकर उन्होंने सीयूं गांव में पेड़ों की गिनती का कार्य अनिश्चितकाल के लिए रुकवा दिया है।