बिजली बोर्ड के 25 हजार खंभों पर ओएफसी लगाएगा रिलायंस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारने और डीटीएच की सुविधा देने के लिए रिलायंस कंपनी बिजली बोर्ड के 25 हजार खंभों का ओएफसी बिछाने के लिए इस्तेमाल करेगी। इसके लिए बिजली बोर्ड को प्रति खंभा प्रतिवर्ष 698 रुपये मिलेंगे। रिलायंस को इसका टेंडर मिल गया है। नवंबर महीने में प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट के दौरान इसको लेकर करार होगा। बिजली बोर्ड के अधिकारी शर्तें फाइनल करने में जुट गए हैं।
हिमाचल के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी अब जल्द ही हाई इंटरनेट स्पीड का लाभ उठा सकेंगे। डीटीएच सुविधा भी प्रदेश में हाईटेक होगी। फाइबर टू होम योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए रिलायंस ने जियो कंपनी के विस्तार के लिए बिजली बोर्ड से उनके खंभों का प्रयोग करने की पेशकश की थी। बोर्ड ने इस बाबत टेंडर आमंत्रित किए थे। बीते दिनों खुले टेंडरों में रिलायंस ने बाजी मारी।
अब मोबाइल कंपनी जियो को ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) को बिजली खंभों से जोड़ने की सुविधा दी जाएगी। बिजली बोर्ड के प्रदेश भर में लगे बिजली के खंभों के माध्यम से कंपनी ऑप्टिकल फाइबर केबल को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचा सकेगी। सूबे के दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी ज्यादा मजबूत नहीं है। बिजली बोर्ड के खंभे पूरे राज्य में मौजूद हैं। ऐसे में कंपनी के लिए अब लाइनें बिछाना आसान हो जाएगा।
यह होंगे फायदे
ब्रॉडबैंड सुविधा सुधरेगी, मोबाइल फोन में इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी।
इंटरनेट के माध्यम से सेट टॉप बाक्स लगाकर डीटीएच का लाभ उठा सकेंगे।
दफ्तरों, प्रतिष्ठानों में हाई स्पीड इंटरनेट के लिए लीज लाइन मिल सकेगी।
बिजली लाइन पर नहीं पड़ेगा असर
बोर्ड प्रबंधन का दावा है कि बिजली के खंभों पर ओएफसी लगने से बिजली की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देश के कई राज्यों में इस प्रक्रिया को पहले ही अपनाया जा रहा है।
सड़कों की खुदाई से मिलेगी निजात
प्रदेश में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ओएफसी बिछाने को अब सड़कों की खुदाई भी नहीं करनी पड़ेगी। बिजली के खंभों पर ओएफसी को बांधा जाएगा।