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न शिक्षक न कमरे, कैसे होगी पढ़ाई?

Tue, 26 Aug 2014 03:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर बुशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर बुशहर Updated Tue, 26 Aug 2014 03:16 PM IST
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rampur degree college in worse condition.

रामपुर डिग्री कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि भवन के अभाव के कारण कई कक्षाएं तो खुले में ही लगानी पड़ रही हैं। हालांकि हाल ही में नए भवन का निर्माण भी किया गया है, लेकिन वहां भी केवल छह कमरे ही हैं।

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हालांकि कॉलेज में छात्र संख्या 3600 के आसपास है। मूलभूत समस्याओं के लिए छात्र संगठनों ने कई आंदोलन भी किए, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पाया है। डिग्री कॉलेज में साल दर साल छात्रों की संख्या बढ़ रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष कॉलेज में 2800 छात्र थे।
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वहीं, इस बार संख्या 3600 के पास पहुंच चुकी है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में आठ शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इनमें से एक पद अंग्रेजी, एक पद राजनीतिक शास्त्र, दो पद पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, दो पद सामाजिक शास्त्र और एक-एक पद फिजिक्स और गणित का रिक्त है। वहीं कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से यहां साइंस और कॉमर्स ब्लॉक बनाने की मांग की गई है।
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क्या कहना है प्रधानाचार्य का

इस बारे में रामपुर कॉलेज के प्राचार्य शंकर भगत नेगी का कहना है कि कॉलेज में रिक्त पड़े पदों में से तीन विषयों के शिक्षकों के पदों को भरा जा चुका है। उन्होंने कहा कि कमरों की कमी के चलते छात्रों को कक्षाओं में शिक्षा गहण करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान कर छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।

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