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सिरमौर: रजित कंवर ने रिहर्सल के लिए कलाकारों को मुफ्त दे दिया मकान
Sat, 29 Jan 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 29 Jan 2022 05:00 AM IST
सार
आधुनिक युग में नाहन शहर में थियेटर आज भी जिंदा है। जबकि कुछ साल पहले थियेटर लड़खड़ाने लगा था। कलाकारों को न तो सरकारी मदद मिल रही थी और न ही दूसरी कोई सुविधा। उस समय कलाकारों की मदद के लिए रजीत सिंह कंवर आगे आए और अपने मकान के चार कमरों का एक सेट कलाकारों को रिहर्सल के लिए दे दिया।
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रजित सिंह कंवर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रजित सिंह कंवर...। नींव का वह पत्थर हैं, जिस पर नाहन शहर में कला और कलाकारों की इमारत खड़ी है। थियेटर को समर्पित युवा रजित सिंह कंवर का थियेटर को आगे बढ़ाने में जो योगदान है, वह बिरले लोगों का ही होता है। रजित सिंह कंवर न केवल शहर के युवा रंगकर्मियों के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। बल्कि कलाकारों को वह सुविधाएं भी मुफ्त में उपलब्ध करवा रहे हैं। इन्होंने नाहन में अपने घर का एक बड़ा हिस्सा स्टेपको के कलाकारों को रिहर्सल के लिए दे रखा है।
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आठ साल से शहर के रंगकर्मी इनके दिए मकान में नाटकों की रिहर्सल कर रहे हैं। बता दें कि शहर के स्टेपको से जुड़े युवा रंगकर्मी आज प्रदेश और देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। आधुनिक युग में नाहन शहर में थियेटर आज भी जिंदा है। जबकि कुछ साल पहले थियेटर लड़खड़ाने लगा था। कलाकारों को न तो सरकारी मदद मिल रही थी और न ही दूसरी कोई सुविधा। उस समय कलाकारों की मदद के लिए रजीत सिंह कंवर आगे आए और अपने मकान के चार कमरों का एक सेट कलाकारों को रिहर्सल के लिए दे दिया।
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आठ साल से शहर के कलाकार उनके ही मकान में रिहर्सल कर नाटक तैयार कर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि बिजली और पानी का खर्चा भी रजीत सिंह कंवर ही उठा रहे हैं। युवा निर्देशक वसीम खान ने बताया कि रजित सिंह कंवर खुद भी थियेटर से जुड़े हैं। कई नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्व. कंवर शूरवीर सिंह खुद भी थियेटर से जुड़े हुए थे। रजित सिंह कंवर ने कहा कि उनको थियेटर से प्रेम है।
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