हिमाचल: सहायक दवा नियंत्रक के दफ्तर और घर पर विजिलेंस की दबिश, पढ़ें पूरा मामला
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राज्य विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने फार्मा हब बद्दी में तैनात सहायक दवा नियंत्रक निशांत सरीन के दफ्तर, घर समेत कुल सात ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। टीम को बेनामी संपत्ति के दस्तावेजों के अलावा नकदी भी बरामद हुई है।
आरोपी अभी फरार चल रहा है। विजिलेंस को निशांत सरीन के खिलाफ शिकायतें मिली थीं कि वह फार्मा कंपनियों से घूस के तौर पर महंगे होटलों में ठहरता था और देश-विदेश के दौरे के दौरान एयर टिकट करवाता था।
बद्दी में फार्मा कंपनियों से घूस लेने का एक माह में दूसरा मामला है। बीत दिनों केंद्रीय दवा नियंत्रक भी सीबीआई के शिकंजे में आ चुका है। विजिलेंस के एडीजी अनुराग गर्ग ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है।
विजिलेंस के सूत्रों के अनुसार टीम ने शुक्रवार को सहायक दवा नियंत्रक के बद्दी स्थित कार्यालय, बिलासपुर के घर के अलावा सोलन, शिमला, पंचकूला, चंडीगढ़ और जीरकपुर के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
इस दौरान टीम को कई दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जब्त कर टीम अपने साथ ले गई है। पुलिस ने नकदी भी जब्त की है। सुबह साढ़े 10 बजे सतर्कता विभाग की एक टीम बद्दी कार्यालय पहुंची।
यहां भ्रष्टाचार से जुड़े लेन-देन को लेकर कार्यालय में कई फाइलें ढाई घंटे तक खंगालीं। टीम रिकॉर्ड को अपने साथ ले गई है। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने सतर्कता विभाग की दबिश की पुष्टि की है।
पहले केंद्र का दवा नियंत्रक और प्रदेश का सहायक दवा नियंत्रक फंसा
बद्दी में एक माह के दौरान फार्मा उद्योग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पूर्व जुलाई में सीडीएससीओ के दवा नियंत्रक को दो उद्योगपतियों के साथ अमृतसर से गिरफ्तार किया था। सीबीआई की टीम दवा नियंत्रक पर काफी समय से नजर रख रही थी। अब प्रदेश का सहायक दवा नियंत्रक शिकंजे में फंसा है। वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे एक दवा नियंत्रक को नौकरी से बर्खास्त भी किया जा चुका है।
घर आया था सहायक दवा नियंत्रक, भनक लगते गायब
विजिलेंस ने सहायक दवा नियंत्रक के घर बिलासपुर के डियारा सेक्टर में भी छापा मारा। सूत्र बता रहे हैं कि आरोपी इन दिनों घर आया था। टीम सुबह घर पहुंची, लेकिन आरोपी गायब था। घर पर उनकी मां अकेली थीं। आरोपी से संपर्क कर घर आने को भी कहा। टीम ने मोबाइल सहित अन्य संचार सुविधाओं को बंद कर घर को अंदर से लॉक कर दिया था।