रैगिंग से परेशान इंजीनियरिंग छात्र ने लगाया फंदा!
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हिमाचल के जिला हमीरपुर स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के एक छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। 21 साल के अमित कुमार ने पंखे में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
अमित पिछले कुछ दिनों से तनाव में चल रहा था। यह अपने माता पिता का इकलौता बेटा था और एक महीने पहले ही कॉलेज में एडमिशन ली थी। यहां यह एक किराए के मकान में रहता था। इसके साथ एक अन्य छात्र भी रहता था जो घटना के दिन अपने घर गया हुआ था।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि आखिर कौन अमित को परेशान कर रहा था। जांच के बाद कई छात्रों के नामों का भी खुलासा हो सकता है।
प्रिंसिपल को की थी शिकायत
पुलिस के अनुसार अमित ने आत्महत्या से कुछ दिन पहले कॉलेज प्रिंसिपल से इस बारे में शिकायत की थी। इसने लिखित शिकायत में कहा था कि कॉलेज के कुछ छात्र उसे परेशान कर रहे हैं। उसे लगातार धमकी भरे फोन कॉल्स आ रहे हैं।
ये युवक उसे कॉलेज न आने की धमकी दे रहे थे। यदि वह कॉलेज आया तो उसे जान से मार देंगे। अमित ने अपनी शिकायत में उन मोबाइल नंबरों की जानकारी भी कॉलेज प्रशासन को दी थी।
मगर प्रशासन ने इस पर ज्यादा बड़ी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद तनाव में आकर अमित ने सुसाइड करने का फैसला ले लिया। उधर, छात्र के पिता ने भी कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि कॉलेज प्रशासन जानबूझ कर इस मामले को दबा रहा था।
एक महीने पहले ली थी एडमिशन
बताया जा रहा है कि अमित ने एक महीने पहले ही कॉलेज में दाखिला लिया था। इसके कुछ दिन बाद से धमकियां मिलना शुरू हो गई थी। आरोपी लगातार धमका रहे थे कि वह कॉलेज आया तो उसे मार दिया जाएगा।
22 अगस्त को अमित ने अपने पिता को भी फोन पर इसकी जानकारी दी। पिता के कहने पर अमित ने कॉलेज प्रशासन को इसकी शिकायत की। लेकिन न तो मामला पुलिस को सौंपा गया और न ही कॉलेज ने खुद कोई कार्रवाई की।
परिजनों का आरोप है कि यदि कॉलेज प्रशासन समय पर कार्रवाई करता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। वहीं, इस मामले से शिक्षण संस्थानों में रैगिंग रोकने के दावों की भी पोल खुल गई है।