फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   question raised on ifs seniority list in himachal assembly budget session

आईएफएस की वरिष्ठता सूची में गड़बड़झाला, विधानसभा सत्र में उठा मामला

Fri, 09 Mar 2018 09:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 09 Mar 2018 09:44 AM IST
विज्ञापन
question raised on ifs seniority list in himachal assembly budget session

वन विभाग के आईएफएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में बड़ा गड़बड़झाला हुआ है। चहेतों को फायदा देने के लिए सूची में छेड़छाड़ की है। जूनियर अफसर को सुपरसीड करवाकर उन्हें पदोन्नति का तोहफा दिया गया है। 

विज्ञापन


विभाग में अब जूनियर अफसर सीनियर के साहब बन बैठे हैं। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान इसका खुलासा किया है। वीरवार को विधानसभा में वन विभाग से संबंधित नर्सरी और पौधरोपण का प्रश्न लगा था। 
विज्ञापन


वन माफिया, पौधरोपण पर जरूरत से ज्यादा राशि का खर्च आदि पर बहस हो रही थी। अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी विधायक उंगलियां उठा रहे थे। जवाब देते हुए वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी अफसरों की पोल खोलकर रख दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जब मैंने अफसरों की वरिष्ठता सूची की फाइल देखी तो हैरान रह गया। सूची में छोटे अफसरों को दो और तीन नंबर पर लाकर प्रमोट कर दिया गया जबकि 2, 3,4 नंबर के अफसरों को पीछे धकेल दिया गया है। सरकार इस मामले की जांच कर रही है। 

जंगल में पौधे सूखे तो नपेंगे अफसर

question raised on ifs seniority list in himachal assembly budget session

विधानसभा में वीरवार को पौधरोपण मामले पर खूब बहस हुई। सत्ता पक्ष को घेरने के लिए कांग्रेस विधायक ने भी एक के बाद एक सवाल दागे। हालांकि, प्रश्न भाजपा विधायकों का था, लेकिन पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्री रामलाल ठाकुर और सीपीएम विधायक राकेश सिंघा ने भी अनुपूरक प्रश्न कर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

इनका कहना था कि पौधरोपण और नर्सरी के लिए जितना पैसा मिला है, अगर यह सही मायने पर खर्च हुआ होता तो जंगल में पौधरोपण की आवश्यकता नहीं होनी थी। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने जवाब में कहा कि पीछे क्या क्या हुआ है, इसका रिकॉर्ड देखा जा रहा है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

घटिया कार्य होने पर अधिकारी नपेंगे। पांच साल तक अफसरों को पौधों की देखरेख करनी होगी। अगर पौधा सूखता है तो इसमें भी अधिकारी नपेंगे। प्रदेश में 728 नर्ससियों के लिए मजदूरों को 15 -15 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

पांवटा और चौपाल में पौधरोपण की होगी जांच 

question raised on ifs seniority list in himachal assembly budget session

मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों को पौधरोपण में शामिल किया जाएगा। प्लांटेशन को केंद्र सरकार की ई ग्रीन वेबसाइट पर भी डाला जाएगा। हिमाचल के 45 डिविजन में जहां नर्सरी का काम अच्छा होगा, वहां के अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

पंचायत से लेकर महिला मंडल तक जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। पांवटा के विधायक सुखराम की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि उनके क्षेत्र में पौधरोपण पर खर्च की गई राशि की जांच होगी।

भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि चौपाल के लिए करोड़ों की राशि पौधरोपण के  लिए आई है लेकिन यह कहां खर्च हुई है कोई पता नहीं है। इसमें भी वन मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। 

जिनका काम अच्छा नहीं था, उन्हें दी जिम्मेदारी

question raised on ifs seniority list in himachal assembly budget session

अनुपूरक प्रश्न में पूर्व वन मंत्री व नैनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने अपने प्रश्न में कहा कि जिन लोगों का काम अच्छा नहीं था, उन्हें नर्सरी व पौधरोपण की जिम्मेदारी दे दी। एक अफसर ने कागजों में 37 लाख रुपये तक की प्लांटेशन दिखा दी थी। 

दो महीने में जेल के भीतर डाल दिए वन माफिया 
वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि सरकार वन माफिया को नहीं बख्शेगी। दो महीने के भीतर सरकार ने माफिया को जेल के भीतर डाल दिया है। नैनादेवी विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस मामले को सरकार गंभीरता से देख रही है। माफिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed