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Himachal: अवैध खनन मामले में प्रदेश सरकार के दो मंत्री आमने-सामने
Fri, 14 Jul 2023 05:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 14 Jul 2023 05:52 PM IST
सार
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कुल्लू में जो त्रासदी हुई है। वह बाढ़ से हुई है। ब्यास नदी के किनारे माइनिंग लीज नहीं दी गई है। वह विक्रमादित्य सिंह के बयान से सहमत नहीं हैं।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से हुई तबाही के मामले पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह में जुबानी जंग छिड़ गई है। हाल ही में विक्रमादित्य सिंह ने कुल्लू दौरे के दौरान अपने बयान में कहा कि यह सब चीजें अवैध खनन से हुई हैं। नदी और नालों का रुख बदल गया है। इस अवैध खनन में किसका हाथ है।
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वह इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और विधानसभा में उठाएंगे। उद्योग मंत्री से इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही जाएगी। जहां भी मामला उठाना होगा, उठाएंगे। जो नुकसान हुआ है। उस पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो एसपी कुल्लू के तबादला होना चाहिए।
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वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बड़ी मात्रा में पानी आया है, इससे तबाही हुई है। एक दो स्थानों पर अवैध खनन हो सकता है। क्या पूरे कुल्लू जिले में अवैध खनन हुआ है। थुनाग और मंडी में भी अवैध खनन हुआ है। कुल्लू में जो त्रासदी हुई है।
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वह बाढ़ से हुई है। ब्यास नदी के किनारे माइनिंग लीज नहीं दी गई है। वह उनके बयान से सहमत नहीं हैं। नदी नालों के 100 मीटर के बाहर माइनिंग की अनुमति दी जाती है। विक्रमादित्य सिंह का बयान समझ से परे है।