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सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर्स का प्रदर्शन, रखी ये मांगे

Wed, 28 Sep 2016 08:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 28 Sep 2016 08:45 PM IST
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protest of anganwadi workers outside secretariat in shimla

आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन ने सचिवालय के बाहर मजदूर यूनियन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा के चुनाव नजदीक आ रहे हैं। 38 हजार परिवारों की अनदेखी सरकार पर भारी पड़ेगी। यूनियन ने सरकार से हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल में भी आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्करों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी करने की मांग उठाई।

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शिमला स्थित पंचायत घर से लेकर छोटा शिमला तक आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन के सैकड़ों सदस्यों ने रैली निकाली। छोटा शिमला में सचिवालय के पास प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव राजकुमारी ने सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मियों से जुड़े 38 हजार परिवार हैं।
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सरकार ने अगर इसी तरह मांगों की अनदेखी की तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्ते दो मिनट में कई गुणा करने वाले सरकार आंगनबाड़ी हेल्परों और वर्करों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। यूनियन की अध्यक्ष खीमी भंडारी ने कहा सरकार द्वारा हजारों महिलाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।
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सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि बुधवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को फेल करने के लिए सरकार ने कई हथकंडे अपनाए। विभागीय अफसरों ने आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्करों को काम पर आने का दबाव बनाया। सीटू नेता डा. कश्मीर सिंह, जगतराम, रमाकांत मिश्रा, नीलम, बीना, चंपा, अंजना, सुमित्रा और पिंगला सहित कई अन्य ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।


यूनियन ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र
आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन ने प्रदर्शन के दौरान सचिवालय जाकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल को यूनियन से बात करने कहा। करीब दो घंटे तक यूनियन की मंत्री और अफसरों के साथ बैठक हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री ने मांगें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

यह हैं मांगे
- हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी वर्करों को 7500 रुपये और हेल्पर को 4000 रुपये प्रति माह वेतन।
- साल 2015-16 के बजट में सरकार द्वारा मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा को लागू करना। साल 2015 से एरियर का भुगतान।
- सरकारी कर्मचारी घोषित करना। सरकारी कर्मियों की तरह सभी सुविधाएं देना।
- सेवानिवृत्ति आयु केंद्र सरकार के आदेशानुसार 65 साल करना। सेवानिवृत्ति पर पेंशन और ग्रेच्युटी देना।
- आंगनबाड़ी केंद्रों में खाली पद पर उस केंद्र की कार्यरत हेल्पर को वर्कर के पद पर पदोन्नत करना।
- सिरमौर और कांगड़ा में डाइट काउंसलर की भर्ती को बंद करना।
- ईंधन बिल एक रुपये प्रति लाभार्थी देना।
- एनआरएचएम के बकाया रुपयों को भुगतान जल्द करना। यह भुगतान जून 2013 से मार्च 2015 तक का लंबित है।
- सुपरवाइजरों के खाली पद जल्द भरना।

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