Himachal: अधिवक्ता कानून में संशोधन का विरोध जारी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने राजभवन तक निकाला जुलूस
प्रदेश हाईकोर्ट में वकीलों ने तीसरे दिन गुरुवार को भी अदालती काम ठप रखा है। बार एसोसिएशन ने यह निर्णय जरनल हाउस में बनी सहमति के बाद लिया।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता कानून 1961 में संशोधन के खिलाफ वीरवार को मार्च निकाला। इसके बाद राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिल को वापस लेने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष वर्मा ने कहा कि अगर अधिवक्ताओं के खिलाफ कोई भी ऐसे कानून लाए जाएंगे तो इसका विरोध किया जाएगा। राजभवन के बाहर शांति पूर्वक प्रर्दशन के दौरान पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ता कानून में संशोधन की क्या जरूरत पड़ी। वकील हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण ने कहा कि संशोधन सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता बनयाल, वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव राय, दलीप सिंह कायथ और शिखा चौहान ने वकीलों को संबोधित किया।
कानून मंत्रालय ने संशोधन बिल वापस लिया : मनन मिश्रा
बार कांउसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष ने मनन मिश्रा ने कहा कि कानून मंत्रालय ने संशोधन बिल वापस ले लिया है। जब भी इस कानून में संशोधन किया जाएगा तो इस को फिर से पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा। हिमाचल में जो अधिवक्ता प्रर्दशन कर रहे हैं वह गलत है। हाईकोर्ट बार कांउसिल के अध्यक्ष लवनीश कंवर ने कहा कि अधिवक्ता कानून 1961 में किए जा रहे संशोधन को फिलहाल कानून मंत्रालय ने वापस ले लिया है। कांउसिल ने अधिवक्ताओं से हड़ताल पर न जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर अधिवक्ता कानून मेें वकीलों के खिलाफ कुछ भी गलत होगा तो प्रदेश की बार काउंसिल उसका पुरजोर विरोध करेगी।
कुल्लू कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
भारत सरकार के अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन का विरोध कुल्लू में लगातार जारी है। जिला कुल्लू में भी बार काउंसिल के सदस्यों ने संशोधन के विरोध में कोर्ट परिसर में प्रदर्शन किया। एक दिन पहले वकीलों ने ढालपुर चौक पर अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल की प्रतियां भी जलाई थीं। बार काउंसिल कुल्लू के अध्यक्ष तेजा ठाकुर ने कहा कि सरकार 2025 में अधिनियम में जो संशोधन कर रही है। वह अधिवक्ताओं के खिलाफ है। मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा।
सोलन में अधिवक्ता संशोधन बिल के खिलाफ बार एसोसिएशन ने किया प्रदर्शन
केंद्र सरकार की ओर से लाए गए प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल के विरुद्ध जिला न्यायालय सोलन के अधिवक्ताओं ने रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला न्यायालय सोलन बार एसोसिएशन के प्रधान मदन कश्यप की अगुवाई में वकीलों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं केंद्र सरकार को इस बिल को वापस लेने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक यह बिल वापिस नहीं लिया जाता।
बार एसोसिएशन पांवटा साहिब ने तीसरे दिन भी जारी रखी हड़ताल
बार एसोसिएशन पांवटा साहिब ने बुधवार को चौथे दिन भी हड़ताल जारी रही। इसके चलते अदालती कामकाज ठप्प रहा। अधिवक्ता अधिनियम1961 में संशोधन के विरोध में वकीलों ने अदालती कार्यों का बहिष्कार किया। इस दौरान वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। बार एसोसिएशन पांवटा साहिब अध्यक्ष नितिन शर्मा, महासचिव दिनेश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता टीएस शाह, एनएल परवाल, डीसी खंडूजा, राजेंद्र शर्मा, जसवीर चौधरी, अजय चौहान, आमना शाह व किरण समेत अधिवक्ता प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे। हड़तालरत वकीलों ने दो टूक कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता अधिनियम 1961 में जो संशोधन किया जा रहा है, उसमें अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। किसी भी कीमत पर ये बर्दाश्त नहीं होगा।