PM Modi Samvad: प्रधानमंत्री मोदी बोले- जब भी मंडी वाले मिलते हैं, सेपू बड़ी आती है याद
हंस राज से बात शुरू करते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेपू बड़ी का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने कहा कि जब भी मंडी वाले मिलते हैं, तो सबसे पहले सेपू बड़ी की याद आ जाती है।
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‘उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य -ऊर्जा 2047’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 12 राज्यों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। हालांकि पीएम ने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश को चुना और मंडी जिले के सुंदरनगर के कुसुम योजना के लाभार्थी हंस राज से 4 मिनट 8 सेकंड तक बात की। हंस राज से बात शुरू करते ही पीएम ने सेपू बड़ी का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने कहा कि जब भी मंडी वाले मिलते हैं, तो सबसे पहले सेपू बड़ी की याद आ जाती है। जब प्रधानमंत्री ने पूछा कि कुसुम योजना से आपके जीवन में क्या बदलाव आया, तो हंसराज ने कहा कि मैं गरीब आदमी था, अब मेरे बच्चे अच्छे स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मेरा मान-सम्मान बढ़ा है और लोग मुझे पहचानने लगे हैं। हंस राज ने बताया कि उनके पास 12 बीघा जमीन थी।
दो बीघा में खेती करते थे और 10 बीघा पर घासन (घास वाली जमीन) थी। उन्होंने इस 10 बीघा पर कुसुम योजना के तहत सोलर प्लांट लगाए। इसमें उनका ढाई करोड़ रुपये खर्चा आया। बैंक से दो करोड़ रुपये का लोन लिया और इसमें सरकार से दस लाख रुपये की सब्सिडी मिली। बाकी पैसा उन्होंने अपना लगाया। आज उनके पास इस काम के लिए पांच कर्मचारी हैं। जिनको हर महीने सैलरी दे रहा हूं। हर महीने बैंकों का दो लाख रुपये लोन चुकाया जा रहा है। इसके बावजूद हर माह 45,000 रुपये कमा रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने ऐसी कल्याणकारी योजना लागू की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
मोदी बोले, संतोष हुआ कि कुसुम योजना से ग्रामीणों को रोजगार मिला
प्रधानमंत्री ने जब हंस राज से पूछा कि आपको अन्य योजनाओं के लाभ भी मिलते होंगे। तो हंस राज ने कहा हां मिलते हैं। पीएम ने कहा कि दो हजार रुपये जो हम भेजते हैं, वह भी मिलते हैं। तो हंस राज बोले, बिलकुल खाते में आ रहे हैं और इस दौरान ठहाके भी लगे। पीएम ने कहा कि संतोष हुआ कि कुसुम योजना से जुड़ने के बाद ग्रामीणों को रोजगार मिला। पीएम ने कहा, आप बिजली बोर्ड को बिजली देकर हिमाचल के दूसरे गांवों में भी एक प्रकार से बिजली पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
बिजली क्षेत्र में आठ साल में हुए बदलाव को कार्यक्रम में किया प्रदर्शित
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 25 से 30 जुलाई तक उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-ऊर्जा 2047 का आयोजन किया गया। देश भर में हुए इस कार्यक्रम में पिछले आठ साल में बिजली क्षेत्र में हुए बदलाव को प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य सरकार की बिजली संबंधी विभिन्न पहलों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी में सुधार कर उन्हें सशक्त बनाना है।