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President Ram Nath Kovind: राष्ट्रपति कोविंद ने निहारी Atal Tunnel, सिस्सू हेलीपैड पर परंपरागत अंदाज में किया गया स्वागत
Sat, 11 Jun 2022 10:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 11 Jun 2022 10:17 PM IST
सार
राष्ट्रपति ने कहा कि मैं मनाली कई बार आया, लेकिन टनल की वजह से पहली बार लाहौल पहुंच पाया। राष्ट्रपति यहां की खूबसूरती के कायल हो गए।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परिवार के साथ अटल टनल रोहतांग की सैर की।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच परिवार के साथ अटल टनल रोहतांग को देखने पहुंचे। टनल को देखकर उन्होंने इसे देश का गौरव बताया। टनल की खूबसूरती के मुरीद हुए राष्ट्रपति ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यह टनल देश के भविष्य के साथ जुड़ी है। इससे अब देश की सीमाओं तक पहुंचना आसान हो गया है।
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राष्ट्रपति ने कहा कि मैं मनाली कई बार आया, लेकिन टनल की वजह से पहली बार लाहौल पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचा बढ़ने के साथ ही हमारा देश भी विकसित हो रहा है। राष्ट्रपति यहां की खूबसूरती के कायल हो गए। इस टनल को उन्होंने इंजीनियरिंग का खूबसूरत नमूना बताया। इससे पहले राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर सिस्सू हेलीपैड पर सुबह करीब 10:00 बजे उतरा।
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जहां पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, तकनीकी शिक्षामंत्री रामलाल मारकंडा और जिला प्रशासन ने उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया। पत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति के साथ राष्ट्रपति ने सिस्सू की वादियों को निहारा और उसके बाद सड़क मार्ग से होते हुए अटल टनल पहुंचे। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री भी उनके साथ रहे।
टनल के भीतर सीमा सड़क संगठन योजक परियोजना के चीफ इंजीनियर (विशिष्ठ सेवा मेडल ) जितेंद्र प्रसाद की अगुवाई में बीआरओ के अधिकारियों ने राष्ट्रपति को टनल के निर्माण और इसके महत्व की जानकारी दी। यहां राष्ट्रपति ने कुछ तस्वीरें भी खींचीं। इसके बाद वह अटल टनल के नोर्थ पोर्टल से होते हुए बाहंग स्थित सासे हेलीपैड पहुंचे। यहां से हेलिकॉप्टर में भुंतर एयरपोर्ट गए, जहां से विमान के माध्यम से दिल्ली लौटे। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर कड़ा सुरक्षा घेरा था। सुरक्षा व्यवस्था नौ सेक्टरों में बांटी गई थी। सिस्सू से लेकर सासे हेलीपैड तक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए।
लाहौल जाने वाले पहले राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में अब तक कोई भी राष्ट्रपति नहीं पहुंच पाया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति बने। उन्होंने लाहौल-स्पीति की खूबसूरती की खूब तारीफ की।
पांच घंटे तक आवाजाही के लिए बंद रही टनल
राष्ट्रपति के यहां आने के चलते पांच घंटे तक टनल पर्यटकों के लिए बंद रही। कुछ देर रोहतांग की तरफ जाने वाले वाहनों को भी रोका गया। वाहनों के लिए सोलंगनाला में डंपिंग साइट, धुंधी में बीआरओ की पार्किंग में व्यवस्था की गई थी। टनल की ओर जाने वाले वाहन वशिष्ठ के समीप रोक दिए गए थे।
पैराग्लाइडिंग, हॉट बेलून पर रही रोक
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में पैराग्लाइडिंग, हॉट बैलून, ड्रोन उड़ाने आदि गतिविधियों पर रोक रही। हालांकि उनके लौटने पर दोपहर बाद ये गतिविधियां शुरू हो गईं।
भागा नदी के तट पर बिखरे पत्थरों से प्रभावित हुए राष्ट्रपति
लाहौल के सिस्सू में भागा नदी के किनारे प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान बने डिजाइनदार पत्थरों को देखकर राष्ट्रपति पत्थर उठाने से खुद को रोक नहीं सके। इस बीच उपायुक्त लाहौल स्पीति नीरज कुमार ने नदी किनारे से एक विशेष आकृति के पत्थर उठाकर राष्ट्रपति को भेंट किया। राष्ट्रपति उस पत्थर को अपने साथ ले गए।
राष्ट्रपति ने सिस्सू हेलीपैड के समीप होकर बहने वाली नदी का नाम भी पूछा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें बताया कि नदी का नाम भागा है जो आगे तांदी संगम में चंद्रा नदी से मिलकर एक हो जाती है। राष्ट्रपति ने पूछा कि क्या यह वही नदी है, जो आगे जाकर चिनाब बन जाती है और पाकिस्तान तक बहती है।