बौद्घ भिक्षु को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की तैयारी
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चीन बॉर्डर के साथ बर्फीला पहाड़ काटकर 13 किलोमीटर सड़क बनाने वाले 65 साल के बौद्ध भिक्षु लामा छुटलियम छोंजोर को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने के लिए जनजातीय आयोग राष्ट्रपति से उनके नाम की सिफारिश करेगा।
आयोग के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर निजी तौर पर भी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। हालांकि आयोग इन्हें पहले ही सम्मानित कर चुका है। बुजुर्ग बौद्ध भिक्षु इससे पहले कई रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुके हैं।
आयोग के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने कहा कि छोंजोर ने राष्ट्रीय निर्माण में योगदान कर दूसरे के लिए एक मिसाल कायम की है। उधर, हिमालयन क्षेत्र के बौद्ध संगठन भी इस बुजुर्ग लामा को सम्मानित करने जा रहे हैं।
कई बार बचाए से बर्फ में फंसे पर्यटक
हिमालयन बौद्ध संरक्षण सभा के सचिव दोरजे ठाकुर ने कहा कि इस कार्य के लिए उनका संगठन छोंजोर को सम्मानित करेगा। मूलत: जंसकर के तोंग्दे गांव के रहने वाले छोंजोर इससे पहले एक रेस्क्यू ऑपरेशन में कई पर्यटकों की जान बचा चुके है।
2003 में रंगदुम से जंसकर के बीच बर्फ में फंसे कई लोगों को सुरक्षित निकाल कर उनके रहने और खाने की व्यवस्था इन्होंने ही की। 2009 में पंजला और पदुम के बीच भारी बर्फबारी के कारण 8 पर्यटक वाहन फंस गए।
उस दौरान भी छोंजोर ने यात्रियों समेत वाहनों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। रिंचेन जांगपो लिटरेरी एंड कल्चरल सोसायटी के महासचिव रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि बौद्ध भिक्षु ने शिंकुला दारचा सड़क मार्ग पर निस्वार्थ भाव से काम किया है।