उपचुनाव में हार के बाद हिमाचल भाजपा संगठन में फेरबदल की तैयारी
मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा हलकों में सत्तारूढ़ भाजपा की हार के बाद अब संगठन में बदलाव की चर्चा ने तूल पकड़ लिया है। संगठन की मजबूती के लिए यह कदम उठाया जाएगा। सुरेश कश्यप को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति देकर केंद्रीय नेतृत्व ने अनुसूचित जाति कार्ड खेला है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपचुनाव में हार के बाद हिमाचल प्रदेश भाजपा संगठन में बडे़ फेरबदल की तैयारी है। भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष से लेकर निचले स्तर की नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन का मुद्दा गरमा गया है। इसकी एक शिकायत केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंची है। हालांकि, इस बारे में अभी कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। इस कथित शिकायत पर केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर मंत्रणा हो रही है, जिसके बाद अब प्रदेश भाजपा संगठन की कार्यकारिणी में फेरबदल तय माना जा रहा है। मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा हलकों में सत्तारूढ़ भाजपा की हार के बाद अब संगठन में बदलाव की चर्चा ने तूल पकड़ लिया है। संगठन की मजबूती के लिए यह कदम उठाया जाएगा।
सुरेश कश्यप को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति देकर केंद्रीय नेतृत्व ने अनुसूचित जाति कार्ड खेला है। चुनावी साल से पहले उनके बने रहने के पीछे यह भी तर्क है कि संभवतया वह नहीं हटेंगे। मगर निचले स्तर पर बदलाव करने के पीछे केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष मजबूत तर्क दिए गए हैं। दलील यह है कि वर्तमान में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से एक, हमीरपुर से दो, शिमला से तीन और मंडी से दो भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। जबकि, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में कांगड़ा बड़ा जिला है।
इसकी राज्य की राजनीति की दशा और दिशा तय करने में अहम भूमिका रहती है। शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। इसी तरह से प्रदेश भाजपा संगठन में मंडी से तीन, शिमला से एक और कांगड़ा से तीन सचिव हैं। यानी हमीरपुर से संगठन में कोई भी प्रदेश सचिव नहीं है। यहां कांगड़ा में सचिवों की संख्या ज्यादा है, मगर उपाध्यक्षों और सचिवों की हमेशा अलग-अलग भूमिका रहती है। हालांकि, महामंत्रियों में कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी से एक-एक महामंत्री हैं। शिमला में संगठन महामंत्री का मुख्यालय शिमला में होने की वजह से इनकी नियुक्तियां संतुलित मानी जा रही हैं।
किस संसदीय क्षेत्र में किन-किन पदाधिकारियों की नियुक्तियां
कांगड़ा : उपाध्यक्ष कृपाल परमार, महासचिव त्रिलोक कपूर, सचिव विशाल, वीरेंद्र चौधरी, जय सिंह, श्रेष्ठा चौधरी और मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा।
हमीरपुर : उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, कमलेश कुमारी, महासचिव त्रिलोक जमवाल, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, प्रवक्ता रामकुमार, विनोद ठाकुर, उमेश दत्त, सह मीडिया प्रभारी नरेंद्र अत्री, सुमित शर्मा, रजत ठाकुर।
शिमला : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, रतन पाल सिंह, संजीव कटवाल, सचिव कुसुम सदरेट, कोषाध्यक्ष संजय सूद, प्रवक्ता बलदेव तोमर, शशि दत्त शर्मा, सह मीडिया प्रभारी करण नंदा।