'लाखों छात्र भुगत रहे कांग्रेस के हठ का खामियाजा, भाजपा बंद करेगी रूसा'
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि रूसा की समीक्षा किए बिना इसे प्रदेश में लागू कर सरकार ने विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। जल्दबाजी में रूसा लागू करने की सरकार की हठधर्मिता का खामियाजा युवा पीढ़ी को चुकाना पड़ रहा है।
यूपीए शासनकाल में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने विदेशों से आयातित सोच के मद्देनजर रूसा की शुरुआत की। प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार ने छात्रों और अध्यापकों के विरोध को देखते हुए इसकी समीक्षा की।
इसे हिमाचल की परिस्थितियों के अनुकूल न पाकर लागू करने का विरोध किया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने अपनी हठधर्मिता के चलते इसे लागू किया। उस समय भाजपा ने इसका विरोध विधानसभा और उसके बाहर भी किया, लेकिन सरकार ने किसी की नहीं सुनी।
रूसा की वजह से प्रताड़ित हो रहे हैं छात्र
आज यह परिणाम है कि तीसरे सेमेस्टर में पहुंच चुके विद्यार्थियों का परिणाम प्रथम सेमेस्टर का निकल रहा है और वह भी पूरा नहीं है। इसमें भी लगभग 93 प्रतिशत विद्यार्थी असफल घोषित किए गए हैं।
कहा कि रूसा लागू करने से पूर्व शिक्षा के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन करने की आवश्यकता थी। इसके लिए अत्यधिक निवेश की जरूरत थी। यह बिना केंद्रीय सहायता के संभव नहीं था, लेकिन कांग्रेस ने बिना कोई समीक्षा किए इसे लागू कर विद्यार्थियों के प्रति अपराध किया है।
आज विद्यार्थी दोराहे पर खड़े हैं। रूसा प्रणाली के तहत सफल विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय औरअन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मान्यता नहीं मिल रही है। इस वजह से वे उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। भाजपा सरकार आने पर रूसा को पूरी तरह बंद करेगी।