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'सरकार लापरवाह, डिपो में नहीं मिल रहा राशन'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 18 Dec 2015 11:21 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार से विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। इसका सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में देखने को मिल रहा है। डिपुओं से सस्ता राशन गायब है। आवश्यक वस्तुएं मिल रही हैं तो इनके लिए लोगों को डिपुओं के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। राजनीतिक लापरवाही से प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली चरमरा गई है।
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जन वितरण प्रणाली में कड़वा तेल लगातार तीसरे माह भी लोगों को नहीं मिला है। वास्तविकता यह है कि चुनावों से पहले और बाद में कांग्रेस ने जो बड़े-बड़े वायदे किए थे, उन्हें पूरा करने में सरकार फेल हो गई है। कभी राजमा तो कभी सफेद चनों में उलझी सरकार तीन वर्षों में कभी भी अपने ही तय मानकों में खरा नहीं उतर पाई है।
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धूमल ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 16.31 लाख राशन कार्ड धारकों को लगभग 4500 करोड़ की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई थीं। उपभोक्ताओं को दाल चना, दाल उड़द, रिफाइंड, सरसों का तेल और नमक लगभग 120 करोड़ की सब्सिडी प्रतिवर्ष देकर उपलब्ध करवाया जाता था और इस दौरान कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
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साथ ही एपीएल परिवारों को 18 किलो गेहूं आटा और 10 किलो चावल क्रमश: 8.50 पैसे, 10.00 प्रति माह उपलब्ध करवाए जाते थे, लेकिन इस सरकार के कार्यकाल में प्रति परिवार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तो कम हुई ही है। कहा कि सरकार इसे व्यक्तिगत आलोचना न लेकर अपने वायदे के अनुसार सभी को सस्ता राशन उपलब्ध करवाए। नहीं तो अपनी इस असफलता के लिए सार्वजनिक रूप से प्रदेश की जनता से माफी मांगे।