'बेरोजगारी भत्ते पर कांग्रेस में चल रहा शह-मात का खेल, देखते हैं क्या करेंगे सीएम'
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नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते को लेकर कांग्रेस में शह और मात का खेल चल रहा है। जो लोग मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आगे सफाई देते थे, वही आज उन्हें आंखें दिखाने लगे हैं। धूमल बोले - वीरभद्र सिंह की छवि फाइटर वाली रही है।
वे अपने स्टैंड पर कितना टिकते हैं, यह देखना बाकी है। सरकार दबाव में चलती है या वीरभद्र सिंह अपनी छवि को बनाए रखते हैं। इनमें जो भी फैसला होगा, दोनों ऐतिहासिक निर्णय होंगे। बेरोजगारी भत्ता देने वाला निर्णय कठिन है। हिम्मत के साथ खड़े रहना होगा।
पूर्व सीएम धूमल बुधवार को विधानसभा में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में बेरोजगारी भत्ते को लेकर जो खेल चल रहा है, इसमें मुख्यमंत्री झुकते हैं या उनके ऊपर प्रेशर हावी होता है। यह बात भी जल्द सामने आने वाली है
घोषणापत्र पार्टी का होता है, वीरभद्र सिंह का यह कहना गलत है कि मैंने घोषणापत्र नहीं बनाया है। सरकार ने घोषणापत्र को नीतिगत दस्तावेज माना है। ऐसे में कांग्रेस सरकार का कर्त्तव्य बनता है कि वह इसे पूरा करे। कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2003 में परिवार में से एक व्यक्ति को नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन यह वायदा भी पूरा नहीं किया।
धर्मशाला को राजधानी बनाना मात्र एक जोक
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल बोले - धर्मशाला को राजधानी बनाना मात्र एक जोक है। जिस सरकार के पास कर्मचारियों को पेंशन और डीए देने के लिए पैसे नहीं हैं, वह क्या धर्मशाला को राजधानी बनाएगी।
भाजपा नेता किशन कपूर ने सरकार से बजट सत्र को धर्मशाला में करवाने और अधिकारियों को शिफ्ट करने की बात कही थी तो इससे सरकार मुकर गई थी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में मिनी सचिवालय भाजपा सरकार के दौरान बनाया गया था।