रात को आधे रास्ते में 108 एंबुलेंस खराब, बच्चे समेत गर्भवती की मौत
108 एंबुलेंस के खराब होने से समय पर गर्भवती महिला को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे उसकी बच्चे समेत मौत हो गई। नारकंडा में 108 एंबुलेंस के हांफने लगी, तो पता चला कि गाड़ी के चक्के गरम हो रहे हैं। इसके बाद 108 नंबर पर फोन करने के बाद करीब पौने घंटे के बाद दूसरी एंबुलेंस में उसे ठियोग अस्पताल तो पहुंचाया, लेकिन तब तक गर्भ में पल रहे बच्चे और गर्भवती महिला दोनों ने दम तोड़ दिया। इस सदमे के बाद परिजन शव लेने के लिए ठियोग पुलिस के पास गुहार करते रहे, लेकिन उनसे कहा कि रामपुर पुलिस के आने के बाद ही शव मिलेगा। शोकग्रस्त परिजनों ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के खिलाफ गहरा रोष जाहिर किया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को रामपुर में एक गर्भवती महिला निर्मला देवी (32) इलाज के लिए रामपुर अस्पताल गई। यहां से जांच के बाद उसे आईजीएमसी रेफर किया गया। रामपुर से शिमला जाते समय नारकंडा के पास गाड़ी खराब हो गई। इसके बाद उसके परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर कॉल की। पीछे से आ रही दूसरी एंबुलेंस में उसे ठियोग अस्पताल लाया गया। रविवार सुबह करीब तीन बजे महिला को अस्पताल पहुंचाया तो यहां तैनात डॉक्टर ने उसे और उसके पेट में बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सुबह होते ही ठियोग पुलिस को सूचित किया तो पुलिस से जवाब मिला कि यह मामला रामपुर का है। मात्र 100 किलोमीटर के सफर को रामपुर पुलिस रविवार देर शाम सात बजे तक भी पार नहीं कर पाई। मामला एक निजी संस्था के संज्ञान में आया तो संस्था उपाध्यक्ष सुशील शर्मा ने परिजनों से बात की। देर शाम 6 बजे जब रामपुर पुलिस से संपर्क किया तो बताया कि रात 10 बजे तक पुलिस विभाग का अधिकारी मौके पर पहुंचेगा।
गौर रहे कि रविवार सुबह हुई महिला की मौत के 24 घंटे बाद परिजनों को शव मिलेगा। परिजनों ने बताया कि रामपुर से शिमला आ रही 108 एंबुलेंस खराब हुई तो ठियोग से मंगवाई गई। ठियोग थाने से आए पुलिसकर्मी ने नाम-पता दर्ज करने के बाद कहा कि रामपुर थाने से पुलिस आने के बाद ही शव मिलेगा। इस मामले को लेकर डीएसपी ठियोग कुलविंदर सिंह ने बताया कि जिस थाने के तहत यह मामला हो, वहां से ही पुलिस आने के बाद शव छुड़वाया जाता है।
108 एंबुलेंस खराब होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। महिला का उपचार कर रहे चिकित्सक ने उन्हें जानकारी दी है कि अस्पताल पहुंचाए जाने से पहले ही महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो चुकी थी। - डॉ. दलीप टेक्टा, प्रभारी, ठियोग अस्पताल
बहुत ही दुखदायी घटना है, जांच होगी : परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार का कहना है कि यह बहुत ही दुखद घटना है। इस मामले की जांच की जाएगी।