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नदी किनारे मलबा गिरा रहे पावर प्रोजेक्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:06 PM IST
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हिमाचल प्रदेश की नदियों के किनारे मलबा गिराया जा रहा है। राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है। तकरीबन आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर जल विद्युत परियोजनाओं और अन्य एजेंसियों की ओर से नदियों के किनारे मलबा गिराया हुआ पाया गया है।
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बोर्ड की तीन टीमों की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही दोषी एजेंसियों के खिलाफ बोर्ड की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जून के तीसरे सप्ताह में बोर्ड ने तीन टीमें गठित की थी। इन तीनों टीमें ने तकरीबन दस दिनों तक नदी के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक सर्वे किया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि पावर प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान मलबे को नदियों के किनारे गिराया जा रहा है।
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इससे नदियों का रास्ता बदलने का खतरा हो गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ी त्रासदी हो सकती है। तीनों टीमों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट को कंपाइल कराने का काम किया जा रहा है। रिपोर्ट कंपाइल होते ही दोषी एजेंसियों के खिलाफ बोर्ड की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
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साथ ही जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी। राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने इसकी पुष्टि की है।
प्रदूषण जांच को टीम गठित
सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में कुछ कंपनियों की ओर से फैलाए जा रहे प्रदूषण की जांच करने के लिए राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पांच सदस्यीय एक टीम गठित कर दी है। यह टीम अगले सप्ताह मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेगी। इसके बाद टीम रिपोर्ट को बोर्ड को सौंपेगी।
रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दरअसल कुछ समय पहले ही दो एनजीओ ने बोर्ड प्रबंधन को एक प्रजेंटेशन दिया था, जिसमें कुछ कंपनियों की ओर से फैलाए जा रहे प्रदूषण के बारे में विस्तार से बताया गया था।