फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Power Distribution Sector Reform Scheme Approved: Center will give Rs 3663 crore to strengthen electricity network in Himachal

विद्युत वितरण क्षेत्र सुधार योजना मंजूर: हिमाचल में बिजली नेटवर्क मजबूती के लिए केंद्र देगा 3663 करोड़ रुपये

Sun, 20 Mar 2022 01:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 20 Mar 2022 01:46 PM IST
सार

असम और आंध्र प्रदेश के बाद हिमाचल के लिए केंद्र ने बिजली वितरण क्षेत्र सुधार योजना मंजूर की है। योजना के तहत ट्रांसफार्मरों की स्थापना सहित गुणवत्ता मीटरिंग और पुराने बिजली वितरण नेटवर्क में सुधार लाया जाएगा।

विज्ञापन
Power Distribution Sector Reform Scheme Approved: Center will give Rs 3663 crore to strengthen electricity network in Himachal
बिजली नेटवर्क(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बिजली नेटवर्क की मजबूती के लिए केंद्र सरकार 3663 करोड़ रुपये देगी। असम और आंध्र प्रदेश के बाद सूबे के लिए केंद्र ने बिजली वितरण क्षेत्र सुधार योजना मंजूर की है। योजना के तहत ट्रांसफार्मरों की स्थापना सहित गुणवत्ता मीटरिंग और पुराने बिजली वितरण नेटवर्क में सुधार लाया जाएगा। केंद्र ने विद्युत हानियों में कमी से संबंधित और प्री पेड स्मार्ट मीटरिंग के लिए कार्य योजना और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआरएस) को मंजूरी दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान ने बताया कि इस योजना की कुल लागत 3663.30 करोड़ रुपये है। योजना के मुख्य कार्यों में 1778.49 करोड़ के परिव्यय से मौजूदा फीडर मीटर, वितरण ट्रांसफार्मर मीटर और उपभोक्ता मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जाएगा।

विज्ञापन


1884.81 करोड़ से वर्तमान वितरण अधोसंरचना के सशक्तिकरण, नवीनीकरण, संवर्धन यानी हानियों में कमी लाने संबंधी कार्य शामिल हैं। परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र 2096.49 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता बोर्ड को देगा। इसमें 409.16 करोड़ रुपये स्मार्ट मीटरिंग संबंधित कार्यों के लिए और 1696.34 करोड़ रुपये हानियों को कम करने संबंधित कार्यों के लिए होंगे। यह पूरी योजना वित्तीय वर्ष 2025 तक संपन्न होगी। इस योजना के अंतर्गत जहां 1753 नए विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे, वहीं 4858 विद्युत ट्रांसफार्मरों का संवर्धन किया जाएगा। 33 केवी के दस नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना और 18 विद्युत उपकेंद्रों का संवर्धन भी होगा। उपभोक्ता, ट्रांसफार्मर और फीडरों से संबंधित लगभग 28 लाख मीटर बदले जाएंगे। नई केबल बिछाई जाएगी। 43 शहरों में स्काडा प्रणाली अपनाई जाएगी। 
विज्ञापन


मापदंडों की प्रगति पर निर्भर करेगा धनराशि का प्रावधान
योजना के लिए धनराशि का प्रावधान केंद्र द्वारा निर्धारित 24 परिणाम से जुड़े मापदंडों की प्रगति पर नियंत्रित किया जाएगा। इन्हीं परिणामों के आधार पर विद्युत वितरण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने संबंधी एक योजना बनाई जाएगी। इसकी लागत लगभग दो हजार करोड़ रुपये अनुमानित है। इस योजना में भी बड़ी संख्या में नए विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर और उप केंद्र एचटी, एलटी लाइनें, केबल और विद्युत नेटवर्क को सशक्त करने के कई कार्य शामिल होंगे। इस तरह यह योजना 5663 करोड़ रुपये की कुल लागत की हो जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed