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Shimla News: जंगलों में बनेंगे तालाब, बुझाएंगे पक्षियों और जानवरों की प्यास
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जिले में अमृत प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत 91 सरोवरों का होगा निर्माण,
जल-सुरक्षित क्षेत्र बनाने का है लक्ष्य
जल स्रोतों का किया जा रहा हैं संवर्द्धन
दीपक मेहता
शिमला। भीषण गर्मी के दौरान अगर नदी-नाले सूख जाते हैं तो जिले की पंचायतों में बने अमृत सरोवर (तालाब) बेजुबानों की प्यास बुझाएंगे। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में जिले में 91 सरोवर तैयार किए जाएंगे।
ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर बनाने के लिए पंचायतों में साइट भी चिह्नित कर दी है। अब प्रस्ताव मंजूरी के लिए निदेशालय के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा है। इन सरोवरों के लिए नदियों, झीलों, तालाबों और झरनों जैसे प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी एकत्रित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण में करीब 189 अमृत सरोवर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब दूसरे चरण का कार्य शुरू होगा। जल संरक्षण अभियान के तहत जिले के विकास खंडों में अमृत सरोवर बनाने का काम शुरू किया है। अमृत सरोवर 500 वर्ग मीटर से लेकर 6000 वर्ग मीटर तक बनाए जाएंगे। इस पर एक लाख से लेकर 10 लाख रुपये का खर्च होगा। इन अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा।
अमृत सरोवरों में 50 हजार लीटर से 21 लाख लीटर पानी भंडारण की क्षमता होगी। भविष्य में इन अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन और सिंचाई उपयोग के लिए इस पानी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इन अमृत सरोवरों को विकसित किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने बताया कि पहले चरण में जिले में 189 अमृत सरोवरों का निर्माण किया है। दूसरे चरण में 93 सरोवरों का निर्माण होगा। संवाद
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दूसरे चरण में यहां बनेंगे सरोवर
दूसरे चरण में जुब्बल खंड के बरथाटा में तीन, मलोग, धार, मंढोल, मशोबरा खंड में पुरानी कोटी, कोटी, मझारी, घड़शी, मांजू डाबरी, चमियाना, ढाला लोहा, कोटखाई खंड में देवरी खनेटी पंचायत में रेला, बरोट, डुंगा थाच, मंजोल, चनोट, रुखाला, नारकंडा खंड में ओडी-थरोग, कुफ्टाधार, जम्तिथच, रारी खड़ सोनाधार, चौपाल खंड में बिजमल, घट्टू, कुहल, छौहारा खंड में खशधार, खशधर, खरशाली, सिंदासली, भाम्पेर, आंद्रा, गांवसारी, शिलादेश, ठियोग खंड में कलिंद, घुंड, गगल, नागन, वीरगढ़, कलजू, रेवशी, जांगली कनाग, कुफर, मह, जंगल किहरी, चियोग, फागू और भेखलटी में सरोवर बनेंगे।
यहां भी होगा सरोवरों का निर्माण
कुपवीं खंड के धरेच, नौरा, मुनालग, बंदाल, रामपुर खंड में कुहल पंचायत के सतु, चौखा, किन्नू थाच, जादागी, शरन, डोई, सोउर, रानवी, मरहला, ननखड़ी खंड में जबालड़ा, प्लेनी, पुनण, केवलधार, टुटू खंड में बैंश, कनेची, दोची क्यार, पट्टी घाट, हलोटी-नालग, शाली धार, शिलरू, बसंतपुर खंड में बरोटा, जालग, कनोरू नाला, शील सरकरी, मटेओग, घराटी के अलावा रोहड़ू खंड में कोप्टु, जलोह, दरशल, खंगटेरी, हन्स्तारीधार, शूलधार, शड़ीथाच, कुठारी और छुपारी में अमृत सरोवर बनाने के लिए जमीन चिह्नित की है।
पहले चरण में मशोबरा में बने सबसे ज्यादा सरोवर
अमृत सरोवर प्रोजेक्ट के पहले चरण में जिले के ठियोग विकास खंड में 6 सरोवर बने हैं। रोहड़ू में 14, बसंतपुर में 10, कोटखाई में 11, रामपुर में 18, नारकंडा में 12, चौपाल में 24, जुब्बल में 13, मशोबरा में 26, टुटू में 12, ननखड़ी में 8, कुपवीं में 11 और चिड़गांव में 15 और धामी में 9 अमृत सरोवर बनाए गए हैं।
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जल-सुरक्षित क्षेत्र बनाने का है लक्ष्य
जल स्रोतों का किया जा रहा हैं संवर्द्धन
दीपक मेहता
शिमला। भीषण गर्मी के दौरान अगर नदी-नाले सूख जाते हैं तो जिले की पंचायतों में बने अमृत सरोवर (तालाब) बेजुबानों की प्यास बुझाएंगे। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में जिले में 91 सरोवर तैयार किए जाएंगे।
ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर बनाने के लिए पंचायतों में साइट भी चिह्नित कर दी है। अब प्रस्ताव मंजूरी के लिए निदेशालय के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा है। इन सरोवरों के लिए नदियों, झीलों, तालाबों और झरनों जैसे प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी एकत्रित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण में करीब 189 अमृत सरोवर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब दूसरे चरण का कार्य शुरू होगा। जल संरक्षण अभियान के तहत जिले के विकास खंडों में अमृत सरोवर बनाने का काम शुरू किया है। अमृत सरोवर 500 वर्ग मीटर से लेकर 6000 वर्ग मीटर तक बनाए जाएंगे। इस पर एक लाख से लेकर 10 लाख रुपये का खर्च होगा। इन अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा।
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अमृत सरोवरों में 50 हजार लीटर से 21 लाख लीटर पानी भंडारण की क्षमता होगी। भविष्य में इन अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन और सिंचाई उपयोग के लिए इस पानी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इन अमृत सरोवरों को विकसित किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने बताया कि पहले चरण में जिले में 189 अमृत सरोवरों का निर्माण किया है। दूसरे चरण में 93 सरोवरों का निर्माण होगा। संवाद
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दूसरे चरण में यहां बनेंगे सरोवर
दूसरे चरण में जुब्बल खंड के बरथाटा में तीन, मलोग, धार, मंढोल, मशोबरा खंड में पुरानी कोटी, कोटी, मझारी, घड़शी, मांजू डाबरी, चमियाना, ढाला लोहा, कोटखाई खंड में देवरी खनेटी पंचायत में रेला, बरोट, डुंगा थाच, मंजोल, चनोट, रुखाला, नारकंडा खंड में ओडी-थरोग, कुफ्टाधार, जम्तिथच, रारी खड़ सोनाधार, चौपाल खंड में बिजमल, घट्टू, कुहल, छौहारा खंड में खशधार, खशधर, खरशाली, सिंदासली, भाम्पेर, आंद्रा, गांवसारी, शिलादेश, ठियोग खंड में कलिंद, घुंड, गगल, नागन, वीरगढ़, कलजू, रेवशी, जांगली कनाग, कुफर, मह, जंगल किहरी, चियोग, फागू और भेखलटी में सरोवर बनेंगे।
यहां भी होगा सरोवरों का निर्माण
कुपवीं खंड के धरेच, नौरा, मुनालग, बंदाल, रामपुर खंड में कुहल पंचायत के सतु, चौखा, किन्नू थाच, जादागी, शरन, डोई, सोउर, रानवी, मरहला, ननखड़ी खंड में जबालड़ा, प्लेनी, पुनण, केवलधार, टुटू खंड में बैंश, कनेची, दोची क्यार, पट्टी घाट, हलोटी-नालग, शाली धार, शिलरू, बसंतपुर खंड में बरोटा, जालग, कनोरू नाला, शील सरकरी, मटेओग, घराटी के अलावा रोहड़ू खंड में कोप्टु, जलोह, दरशल, खंगटेरी, हन्स्तारीधार, शूलधार, शड़ीथाच, कुठारी और छुपारी में अमृत सरोवर बनाने के लिए जमीन चिह्नित की है।
पहले चरण में मशोबरा में बने सबसे ज्यादा सरोवर
अमृत सरोवर प्रोजेक्ट के पहले चरण में जिले के ठियोग विकास खंड में 6 सरोवर बने हैं। रोहड़ू में 14, बसंतपुर में 10, कोटखाई में 11, रामपुर में 18, नारकंडा में 12, चौपाल में 24, जुब्बल में 13, मशोबरा में 26, टुटू में 12, ननखड़ी में 8, कुपवीं में 11 और चिड़गांव में 15 और धामी में 9 अमृत सरोवर बनाए गए हैं।