राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- हिमाचल पर कर्ज बढ़कर 1.20 लाख करोड़ पहुंचा, विकास और रोजगार कहां
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को रोहड़ू में आयोजित जनसभा में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित सुस्ती को लेकर सवाल उठाए।
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को रोहड़ू में आयोजित जनसभा में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित सुस्ती को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार के सत्ता छोड़ने के समय प्रदेश पर करीब 69 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि बढ़ते कर्ज के बावजूद विकास कार्यों और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं दिख रहे हैं। जयराम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है, जबकि भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने का उद्देश्य प्रदेश में विकास कार्यों को गति देना, सड़कों का निर्माण करना और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना होना चाहिए। उन्होंने सरकार से कर्ज के इस्तेमाल और उससे किए जा रहे विकास कार्यों का ब्योरा स्पष्ट करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए करीब 600 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू किए गए कई विकास कार्य अभी तक अधूरे पड़े हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अनदेखी करने का आरोप
जयराम ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार देने के किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ने के साथ विकास और रोजगार के क्षेत्र में भी ठोस परिणाम सामने आने चाहिए। जयराम ने रोहड़ू के स्थानीय विधायक पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक ने वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक विरासत के सहारे जनता का समर्थन हासिल किया, लेकिन अब उन्हें भुला दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता अपने राजनीतिक जीवन में अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति को भूल सकता है, वह भविष्य में रोहड़ू की जनता को भी भूल सकता है। जनसभा में सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, पूर्व विधायक खुशीराम बालनाहटा, भाजपा नेत्री शशीबाला और भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण फालटा सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जितना लोन छह सरकारों ने मिलकर लिया, लगभग उतना सुक्खू ने चार साल में ले लिया: जयराम
मुख्यमंत्री की बात पत्थर की लकीर होनी चाहिए लेकिन उनकी बातें झूठ का पुलिंदा बनकर रह गई हैं। वह सिर्फ झूठ बोलते हैं या तो आधा सच। उन्होंने यह नहीं बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार में लोन का पेआउट रेट 95 फीयदी था। सुक्खू सरकार का लोन पेआउट रेट 50 फीसदी के आसपास है। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार का लोन पेआउट रेट भी 60 फीसदी के आसपास ही था। सत्ता में आने के बाद के पहले साढ़े तीन महीने में सरकार ने 6897 करोड़ लोन लिया था जो ऐतिहासिक है। यानी औसतन हर दिन लगभग 63 करोड़ और हर महीने लगभग 1,881 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। यह लोन भी मुख्यमंत्री भाजपा के खाते में डालते हैं। यह बातें हम हवा में नहीं कह रहे हैं, यह उन्होंने विधानसभा में बताई हैं। सुक्खू यह बताएं जब वह एक साल बाद सत्ता से जाएंगे तो हिमाचल पर कितना कर्ज छोड़कर जाएंगे? हकीकत यह है कि जितना लोन हिमाचल की छह सरकारों ने मिलकर लिया, लगभग उतना लोन सुक्खू ने चार साल में ले लिया। जहां सरकारें विकास और मुख्यमंत्री लोकप्रिय होते हैं, वहां हिमाचल में मुख्यमंत्री लॉकप्रिय और लोन प्रिय हो गए हैं।